Health reporter@राजनांदगांव: सरकारी अस्पताल या ‘कसाईखाना’, कब तक दम तोड़ती रहेंगी मासूम जिंदगीयाँ? जिला अस्पताल में डॉक्टरों की घोर लापरवाही ने ली जच्चा-बच्चा की जान…
एक्स रिपोर्टर न्यूज़ । राजनांदगांव संवेदनाएं मर चुकी हैं, व्यवस्था आईसीयू पर है और सरकारी अस्पताल अब जीवन देने वाले नहीं, बल्कि मौत के नए पते बनते जा रहे हैं।…

