SRPS में मां सरस्वती की पूजा एवं छात्रों का तिलक लगाकर हर्षोल्लास से मनाया गया शाला प्रवेश उत्सव
कवर्धा। कबीरधाम जिले के पंडरिया विकासखंड की अत्यंत लोकप्रिय एवं प्रतिष्ठित अंग्रेजी माध्यम विद्यालय सन राइस पब्लिक स्कूल, पंडरिया में नवीन शिक्षा सत्र के शुभारंभ अवसर पर शाला प्रवेश उत्सव बड़े ही उत्साह, उल्लास एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। विद्यालय परिसर में भारतीय संस्कृति, परंपरा और भारतीयता के मूल सिद्धांतों के अनुरूप कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां शुभ कार्य की शुरुआत विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं मंगलकामनाओं के साथ की गई।
भारतीय परंपरा में प्रत्येक शुभ कार्य की शुरुआत इष्ट देवों के स्मरण एवं आशीर्वाद से की जाती है। इसी परंपरा का पालन करते हुए विद्यालय परिवार ने विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना की तथा सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम शिक्षा और श्रेष्ठ संस्कारों की कामना की। इसके पश्चात प्रार्थना एवं राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। विद्यालय पहुंचे छात्र-छात्राओं का तिलक लगाकर अभिनंदन एवं सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया, जिससे पूरे परिसर में आत्मीयता और अपनत्व का वातावरण देखने को मिला।
विद्यालय की डायरेक्टर उर्मिला महापात्रा ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारा उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को पुस्तक आधारित शिक्षा देना नहीं है, बल्कि उन्हें जीवन के उच्चतम शिखर तक पहुंचाने योग्य बनाना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा एक पूजा है और इसका मूल उद्देश्य विद्यार्थियों के भविष्य का निर्माण कर राष्ट्र की उन्नति में योगदान देना है। साथ ही विद्यालय भारतीय संस्कृति, सभ्यता एवं विरासत को एक अमूल्य धरोहर के रूप में संजोकर रखने के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि माता-पिता द्वारा बच्चों को दिए गए संस्कार उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं और यही संस्कार देश की अमर संस्कृति को भविष्य तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध होते हैं।
विद्यालय के प्राचार्य बिस्वजीत राथा ने कहा कि हम सभी शिक्षकों का यह दायित्व है कि शिक्षा को सरल, सहज और विद्यार्थियों के अनुकूल बनाया जाए ताकि छात्र-छात्राओं को किसी भी प्रकार की मानसिक परेशानी या दबाव का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी केवल विद्यालय के छात्र नहीं हैं, बल्कि वे अपने माता-पिता का अभिमान, अपने गांव-शहर और समाज का गौरव हैं। इन्हीं बच्चों के कंधों पर देश के उज्ज्वल भविष्य का दायित्व है। इसलिए सन राइस पब्लिक स्कूल पंडरिया प्रत्येक छात्र-छात्रा को अपने पुत्र-पुत्री के समान मानते हुए उच्च गुणवत्ता युक्त शिक्षा, संस्कार एवं बेहतरीन शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।
विद्यालय के उप प्राचार्य पी. सी. महापात्र ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यालय परिवार सभी अभिभावकों का हृदय से ऋणी है जिन्होंने अपने पाल्य के बेहतर भविष्य के निर्माण हेतु इस विद्यालय पर विश्वास जताया और यहां प्रवेश दिलाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं, बस चालक एवं परिचालक भी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अपनी जिम्मेदारियों का पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे।
शाला प्रवेश उत्सव में उपस्थित पालक-पालिकाओं ने विद्यालय परिवार की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ संस्कारों पर दिया जा रहा विशेष ध्यान इस विद्यालय को अन्य संस्थानों से अलग पहचान प्रदान करता है। अभिभावकों ने नए शिक्षा सत्र के लिए विद्यालय परिवार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अपने पुत्र-पुत्रियों का प्रवेश इस श्रेष्ठ विद्यालय में कर उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सही निर्णय लिया है।
यह शाला प्रवेश उत्सव केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि शिक्षा, संस्कार, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण के संकल्प का जीवंत संदेश बनकर सामने आया। पूरे आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि जब शिक्षा के साथ संस्कार और भारतीयता जुड़ती है, तभी एक सशक्त समाज और उज्ज्वल राष्ट्र का निर्माण संभव होता है।


