एक्स रिपोर्टर न्यूज़ । राजनांदगांव
आबकारी विभाग में भ्रष्टाचार अपनी जड़े जमा चुका है। डिपार्टमेंट के अधिकारी- कर्मचारियों से मिलीभगत कर बार संचालक मोटा मुनाफा कमा रहे है। जिससे शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है। मामला राजनांदगांव शहर में संचालित बार का है। इस बार में अवैध तरीके से दो काउंटर का संचालन किया जा रहा है, इसमें से एक स्वयं लाइसेंस धारक बार का है जो आगे मुख्य दरवाजे पर है और दूसरा बार, जो बगल वाली गली के रास्ते बार में इंटर करने पर पड़ता है। आबकारी विभाग के नियमानुसार एक बार में दो अलग-अलग काउंटर का संचालन नहीं किया जा सकता है। लेकिन यहाँ वर्षों से दो काउंटर का संचालन धड़ल्ले से किया जा रहा है। इस मामले की जानकारी आबकारी विभाग के अधिकारियों को भी है लेकिन आज तक इस मामले में किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई है, जबकि इस तरह के अवैध कृत्य में बार का लाइसेंस निरस्त करने का प्रावधान है। इससे बात साफ है कि आबकारी अमले की मिलीभगत से ही इस अवैध कार्य को अंजाम दिया जा रहा है।
परमिट एक का और उठा रहे दोगुना लीकर स्टॉक
जानकारी अनुसार बार संचालक दो काउंटर का फायदा उठाकर एक परमिट में दोगुना लीकर स्टॉक उठा रहा है, इससे शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है। आबकारी विभाग की मिलीभगत से एक परमिट दो बार लीकर स्टॉक की सप्लाई की जा रही है, स्टॉक की जांच करने पर गड़बड़ी पकड़ में आ जाएगी। परमिट के मापदंड अनुसार ही शराब के खेप की पूर्ति की जाती है, लेकिन यहाँ सेंटिग से पूरे खेल को अंजाम दिया जा रहा है।
समयावधि के बाद भी लॉज के रास्ते बार में दी जाती है एंट्री
बार संचालक ने शासन के ओपन एंड क्लोज टाइमिंग की भी धज्जियां उड़ा रखी है। नियम अनुसार दोपहर 12 से रात 12 बजे तक बार को खुला रखने की अनुमति दी गई है। लेकिन यह बार अपने समय से पहले और काफी देर बाद तक खुला रहता है। सामने का मुख्य दरवाजा और शटर बंद करने के बाद गली वाले लॉज डोर के रास्ते ग्राहकों को बार में एंट्री दी जाती है। जो कि गलत है, शिकायत मिलने के बाद भी आबकारी विभाग द्वारा मामले में किसी भी तरीके की कार्रवाई नहीं की जा रही है।
पार्सल में दी जा रही बोतलें, सुबह से लेकर रात तक उपलब्ध
अधिक मुनाफा कमाने के फेर में बार में पार्सल में बोतले ग्राहकों को बेची जा रही है। सुबह 6:00 से रात 12:00 के बाद भी इस बार में शराब की बोतल आसानी से मिल जाएगी। जबकि नियमानुसार बार से पार्सल में बोतल नहीं दिया जा सकता है। यह मामला काफी गंभीर है इस मामले की शिकायत आबकारी के उच्च अधिकारियों से की गई तो बार संचालक के साथ विभाग के स्थानीय अधिकारी भी कार्रवाई से बच नहीं पाएंगे।
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