- गीता जयंती के अवसर पर महाविद्यालय में गीता पाठ एवं गीता सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित
राजनांदगांव। दिग्विजय महाविद्यालय के संस्कृत विभाग द्वारा गीता जयंती के अवसर पर सामूहिक गीता पाठ एवं गीता सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. के. एल. टांडेकर के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. शंकर मुनि राय तथा वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एच. एस. भाटिया भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का प्रारंभ वैदिक मंत्रोचार से हुआ। तत्पश्चात महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. टांडेकर द्वारा गीता ग्रंथ का पूजन किया गया। विद्यार्थियों एवं प्राचार्य जी तथा प्राध्यापकों ने मिलकर गीता के द्वादश अध्याय का पारायण किया। तत्पश्चात द्वितीय अध्याय के महत्वपूर्ण श्लोकों का भी पाठ किया गया।
विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. दिव्या देशपांडे ने गीता के प्रमुख श्लोकों का अर्थ प्रतिपादन किया। विभाग के प्राध्यापक डॉ. ललित प्रधान आर्य ने गीता में प्रतिस्थापित कर्म के विषय में विद्यार्थियों को संबोधित किया। इस अवसर पर डॉ. शंकर मुनि राय ने गीता के प्रमुख संदेश को विद्यार्थियों से साझा करते हुए कहा कि गीता के श्लोकों को न केवल विद्यार्थियों द्वारा कंठस्थ किया जाना चाहिए अपितु गीता का संदेश अपने जीवन में चरितार्थ करना चाहिए। प्राचार्य ने अध्यक्षीय उद्बोधन में गीता को भारतीय संस्कृति का महनीय ग्रंथ बताया। उन्होंने कहा कि गीता में जिस निष्कर्म एवं कर्म में कुशलता की बात कही है वह प्रत्येक मनुष्य के लिए अनुकरणीय है। गीता न केवल धर्मशास्त्र है अपितु यह अपने अंदर प्रबंधन के कई पहलुओं को छिपाए हुए हैं। प्रत्येक भारतीय को गीता का संदेश अपने जीवन में चरितार्थ करना चाहिए तथा कर्म की महत्ता को समझना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को इस तरह के कार्यक्रमों में सहभागी होने हेतु प्रेरित किया, साथ ही विद्यार्थियों से गीता से संबंधित कुछ प्रश्न पूछ कर उनकी शंकाओं का समाधान भी किया।
कार्यक्रम में 40 से अधिक स्नातक एवं स्नातकोत्तर के विद्यार्थी एवं प्राध्यापक उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. दिव्या देशपांडे ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. ललित प्रधान आर्य ने किया। गीता पाठ के पश्चात गीता सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में संपूर्ण महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के छात्र छात्राओं ने भाग लिया तथा गीता से संबंधित प्रश्नों के उत्तर अंकित किए। प्रतियोगिता में कुल 33 विद्यार्थियों ने भाग ग्रहण किया। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को विभाग द्वारा पुरस्कृत किया जावेगा।

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