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राजनांदगांव। लाइब्रेरी दिवस के अवसर पर शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय के रोजगार एवं मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के ग्रंथालय को महाविद्यालय में पदस्थ प्राणीविज्ञान के प्राध्यापक डॉ. संजय ठिसके ने अपने पिता स्व. पी.एम. ठिसके की स्मृति में 1000 पुस्तके प्रदान कि। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डा. के.एल. टांडेकर ने स्व. पी.एम. ठिसके के इस अभूतपूर्व प्रयास की सराहना कि और उनकी प्रंशसा करते हुये कहा कि हमे इस कार्य से प्रेरणा लेते हुये पुस्तको के अध्ययन अध्यापन को छात्रों के मध्य न केवल प्रोत्साहित करना चाहिये बल्कि अतिरिक्त पुस्तको को अपने महाविद्यालय में संग्रहित करने कि पंरापरा भी प्रांरभ करनी  चाहिये।

इस अवसर पर महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डा. शैलेन्द्र सिंह एवं डा. के.एन  प्रसाद ने स्व. ठिसके जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुये उन्हें एक महान व्यक्ति की संज्ञा दी और उनके साथ के अपने अनुभवों को साझा किया। इसी क्रम में डा. शंकर मुनी राय ने पुस्तक दान करने की पंरपरा के इस प्रयास कि सराहना करते हुये उनके द्वारा लिखित पुस्तक “ठक्कर बापा वंचितो और शोषितो के मसीहा” कृति का विशेष उल्लेख किया जो उनके पुस्तक प्रेम को प्रदर्शित करती हैं।

उनके पुत्र डॉ. संजय ठिसके ने जानकारी देते हुये बताया कि उनके पिता इस पुस्तको सूचीबद्ध करने का कार्य श्री रवि साहू ने किया जिसमें दर्शन मनोविज्ञान, अंग्रेजी, हिन्दी साहित्य, भूगोल और इतिहास कि कुछ ऐसी दुर्लभ पुस्तके शामिल है जिनका मुद्रण अब बंद हो गया है।

By Amitesh Sonkar

Sub editor

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