“कबीरधाम में शासन-प्रशासन पर गंभीर सवाल; अधिकारी-कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार व लापरवाही के आरोप”
कबीरधाम जिले में शासन-प्रशासन है भी या नहीं? – हनुमान यदु
कवर्धा। प्रेस को जारी विज्ञप्ति में हनुमान यदु ने कबीरधाम जिले के शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि जिले के कई विभागों में पदस्थ अधिकांश अधिकारी-कर्मचारी दिशाहीन एवं उदासीन नजर आ रहे हैं। उनका आरोप है कि आम नागरिकों द्वारा दिए जाने वाले अनेक आवेदन समय पर निराकृत नहीं हो रहे हैं।
हनुमान यादव ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों से लेकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के शासन के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में प्राप्त अनेक आवेदनों पर भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उनके अनुसार, ऐसा प्रतीत होता है मानो ये आवेदन रद्दी की टोकरी में डाल दिए गए हों। इससे आम जनता में निराशा बढ़ रही है तथा सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष का वातावरण बन रहा है।
उन्होंने मांग की कि ऐसे गैर-जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए तथा जिनकी लापरवाही सिद्ध हो, उनके विरुद्ध निलंबन सहित आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता का सरकार एवं प्रशासन पर विश्वास बना रहे।
हनुमान यदु ने यह भी आरोप लगाया कि जिले के कुछ अधिकारी-कर्मचारी अपने प्रभावशाली आकाओं को खुश कर वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं और इसी का लाभ उठाकर आम लोगों का शोषण एवं आर्थिक दोहन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन मामलों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि समय रहते प्रशासन आवश्यक कदम उठाता है, तो आम जनता का शासन-प्रशासन के प्रति भरोसा और अधिक मजबूत होगा।
(हनुमान यदु)


