राजनांदगांव/छुईखदान। छीँदारी डैम में डूबे हुए बालक का डेड बॉडी गोताखोरों एवं स्कूबा डाइवर की मदद से बाहर निकाला गया। स्कूबा डाइवर द्वारा डेड बॉडी 40 फीट की गहराई से बाहर निकाला गया।
घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार हैँ कि थाना छुईखदान में दिनांक 16.7.22 की शाम सूचना मिला की छीदारी डैम में एक लड़का नहाते समय डुब गया कि सूचना उसके दोस्त अमन बघेल एवं राजेंद्र मंडावी द्वारा दिया गया। सूचना की तस्दीक के लिए मौके पर पहुंचे लोकल गोताखोर की मदद से डेड बॉडी ढूंढने का प्रयास किया गया किंतु अधिक गहराई होने के कारण नहीं मिला। रात्रि अंधेरा होने के कारण दूसरे दिन सवेरे राजनांदगांव से गोताखोर की टीम बुलाकर डेड बॉडी का पता तलाश किया गया किंतु ज्यादा गहराई होने के कारण पूरे प्रयास के बावजूद डेड बॉडी नहीं मिल पाया।
इसके पश्चात दुर्ग से एसडीआरएफ से संपर्क कर उन्हें बुलाया गया,जिनके स्कूबा ड्राइवर की मदद से मृतक बल्ली उर्फ आशीष कुंभकार पिता भरत कुंभकार उम्र 17 वर्ष साकिन टिकरी पारा वार्ड नंबर 11 का डेड बॉडी निकाला गया। मौके पर पंचनामा कर पोस्टमार्टम छुईखदान हॉस्पिटल में कराया गया। पोस्टमार्टम के पश्चात मृतक का शव उनके परिजनों को सुपुर्द किया गया। तीन दोस्त बल्ली उर्फ आशीष अमन बघेल एवं राजेंद्र मंडावी नहाने के लिए छीदारी डैम गए थे। जहां बल्ली उर्फ आशीष सबसे पहले गहराई में छलांग लगाया और एक बार वापस बाहर निकल कर अपने अन्य दोस्तों को बुलाया लेकिन दोबारा डूबने के बाद वह बाहर नहीं निकल पाया। थाना क्षेत्र में मर्ग कायम कर जांच में लिया गया। डेड बॉडी बाहर निकालने में एसडीओपी खैरागढ़ दिनेश सिन्हा, निरीक्षक छुईखदान राजेश साहू, एसआई कोरेटी, प्रधान आरक्षक रंजीत तिर्की एसडीओपी कार्यालय के स्टाफ प्रदीप राकेश इत्यादि लगातार डटे रहे राजनांदगांव के होमगार्ड के गोताखोर एवं दुर्ग के एसडीआरएफ के गोताखोर व स्कूबा डाइवर का प्रमुख योगदान रहा। मृतक किन परिस्थितियों में सिंधारी डैम में डूबा इसकी जांच की जा रही है। डैम में ज्यादा भीड़ भाड़ होने से अनुभाग के थानों से भी बल मंगाया गया और भीड़ नियंत्रित किया गया।


