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रायपुर/राजनांदगांव। बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया की वजह से प्रदेश में मानसून की सक्रियता बढ़ गई है। रविवार को सुबह से लेकर देर शाम तक राजनांदगांव समेत प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश हुई। जिससे जनजीवन प्रभावित रही। केचमेंट एरिया में भारी बारिश से राजनांदगांव जिले के जलाशय लबालब हो चुके हैं। स्थिति संभालने के लिए जल संसाधन विभाग की ओर से मोगरा बैराज से 10000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

इसी तरह घुमरिया जलाशय से 1000 और सूखानाला जलाशय से 1500 क्यूसेक यानी रविवार शाम 5:30 बजे तक कुल 12500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। अत्यधिक मात्रा में पानी छोड़ने से शिवनाथ नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है और बाढ़ की आशंका निर्मित हो चुकी है। ऐसे में लोगों को नदी किनारे जाने से बचना चाहिए। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार मोगरा जलाशय में 70 फ़ीसदी, घुमरिया में 75 और सूखानाला जलाशय में 75 फ़ीसदी जलभराव की स्थिति है। जल आवक बढ़ते क्रम में है इसलिए स्थिति अनुसार पानी डिस्चार्ज बढ़ाया भी जा सकता है।

इधर मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि निम्न दाब का क्षेत्र उत्तर उड़ीसा और उसके आसपास स्थित है, इसके साथ उपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा 7.6 km ऊंचाई तक विस्तारित है। मानसून द्रोणिका उत्तर पूर्व अरब सागर- सौराष्ट्र तट, दिसा, रायसेन, अम्बिकापुर, निम्न दाब का केन्द्र, और उसके बाद दक्षिण पूर्व की ओर पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी तक 1.5 किमी ऊंचाई तक स्थित है। कल दिनांक 18 जुलाई को प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छीटें पडने की सम्भावना है ।[pdf-embedder url=”http://xreporter.in/wp-content/uploads/2022/07/मौसम-सारांश-17.07.2022.pdf” title=”मौसम सारांश 17.07.2022″]
प्रदेश में एक दो स्थानों पर गरज चमक के साथ भारी वर्षा होने की सम्भावना है।
राजनांदगांव जिले में हुई बारिश और प्रदेश के मौसम पूर्वानुमान का अवलोकन समाचार में किया जा सकता है।

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