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ड्राइवरों के श्रमिक अधिकारों की रक्षा के लिए कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

कवर्धा।। स्थित छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंगठन ने जिले में तैनात वाहन चालकों के हितों और श्रम कानूनों के अनुपालन सुनिश्चित कराने की मांग करते हुए एक विस्तृत ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा। संगठन ने बताया कि रायपुर जिले सहित समूचे प्रदेश में कई औद्योगिक इकाइयों, कारखानों, राइस मिलों, खदानों और ट्रांसपोर्ट कंपनियों में बड़ी संख्या में ड्राइवर कार्यरत हैं, लेकिन उन्हें नियमित रूप से श्रमिक लाभ और कानूनी सुरक्षा नहीं मिल रही है।

ज्ञापन में संगठन ने कहा कि पिछले लगभग तीन वर्षों से वह ड्राइवरों के सामाजिक, आर्थिक और श्रमिक हितों के संरक्षण के लिए काम कर रहा है। संगठन के समक्ष विभिन्न क्षेत्रों से आने वाली शिकायतों में प्रमुख समस्याएँ निम्नांकित हैं — वेतन लंबी अवधि तक रोका जाना, बिना सूचना या वैध कारण नौकरी से निकाला जाना, नियुक्ति पत्र व प्राधिकरण पत्र का अभाव, उपस्थिति रजिस्टर और सेवा अभिलेख का रखरखाव न होना, दुर्घटना की स्थिति में इलाज व मुआवजे से बचने का प्रयास, तथा ईएसआईसी, पीएफ और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभों का लाभ न मिलना।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि इन परिस्थितियों के कारण ड्राइवरों को न्याय दिलाना और विवाद सुलझाना कठिन हो रहा है। कई स्थानों पर काम का अत्यधिक बोझ भी लगाया जा रहा है, जिससे सड़क हादसों का जोखिम बढ़ रहा है।

संगठन ने कलेक्टर से आग्रह किया है कि जनहित और श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभागों — श्रम विभाग, परिवहन विभाग, उद्योग विभाग, ईएसआईसी और अन्य प्रशासनिक इकाइयों को निर्देश देकर निम्न कार्यवाही सुनिश्चित की जाए:
जिले के सभी ट्रांसपोर्ट कंपनियों, फैक्ट्रियों, राइस मिलों और अन्य प्रतिष्ठानों का विशेष निरीक्षण कराया जाए।

सभी वाहन चालकों को नियुक्ति पत्र, पहचान पत्र और सेवा संबंधी आवश्यक दस्तावेज प्रदान करना अनिवार्य किया जाए।
ड्राइवरों को ईएसआईसी, पीएफ और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा जाए।
वेतन भुगतान और श्रम कानूनों के पालन की नियमित निगरानी की जाए।

दुर्घटना की स्थिति में वाहन मालिक व नियोजक द्वारा उपचार, बीमा और वैधानिक सहायता उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
श्रमिक शिकायतों के त्वरित निपटारे हेतु जिला स्तर पर विशेष व्यवस्था या हेल्प डेस्क स्थापित करने पर विचार किया जाए।
श्रम कानूनों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।

ज्ञापन में संगठन ने कहा है कि यदि संबंधित कार्रवाई की जाए तो जिले के हजारों ड्राइवरों को न्याय, सुरक्षा और सम्मानजनक कार्य वातावरण मिल सकेगा। संगठन ने कलेक्टर से अनुरोध किया है कि 1 माह के भीतर, अर्थात् 22 जुलाई 2026 तक छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंगठन को की गई कार्यवाही की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंगठन के प्रतिनिधियों ने मीडिया से भी अपील की है कि वे इस मुद्दे को उठाकर व्यापक जागरूकता बनाते हुए प्रशासन पर दबाव बनाए रखें, ताकि ड्राइवरों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।

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