जेवडन खुर्द में रिटर्निग वाल निर्माण में भारी अनियमितता, सुचना बोर्ड नही बना, गुणवत्ता की कमी
कवर्धा XReporter News।। जिले के कवर्धा जनपद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत – जेवडन खुर्द में निर्माणाधीन रिटर्निंग वाल कार्य (गौठान के पास तालाब में) गंभीर लापरवाही और अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह निर्माण कार्य महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत कराया जा रहा है, लेकिन नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।
सूचना बोर्ड नदारद
मनरेगा के नियमों के अनुसार किसी भी निर्माण कार्य से पहले कार्यस्थल पर सूचना बोर्ड लगाना अनिवार्य होता है, जिससे आमजन को योजना, लागत और कार्य अवधि की जानकारी मिल सके। लेकिन यहां कार्यस्थल पर कोई सूचना पटल नहीं लगाया गया है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गुणवत्ता पर उठे सवाल
ग्रामीणों के अनुसार निर्माण कार्य में उपयोग हो रहे मटेरियल की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। कार्यस्थल पर न तो स्टीमेट उपलब्ध है और न ही अन्य तकनीकी दस्तावेज, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार हो रहा है या नहीं। मजदूर और मिस्त्री अपनी मर्जी से मसाला तैयार कर रहे हैं, जिससे निर्माण की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है।
गिट्टी और बेस निर्माण में गड़बड़ी
रिटर्निंग वाल के बेस निर्माण में भी अनियमितता देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्पष्ट नहीं है कि 20MM, 30MM या 40MM गिट्टी का उपयोग किया जाना है। वहीं टॉप स्ट्रक्चर में भी किस साइज की गिट्टी का इस्तेमाल होना चाहिए, इसकी जानकारी कार्य कर रहे लोगों को नहीं है। इस तरह की लापरवाही निर्माण की मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
मशीनों से कराया जा रहा कार्य
मौके पर निरीक्षण के दौरान तालाब किनारे लगभग 10 फीट गहरा गड्ढा पाया गया। ग्रामीणों ने बताया कि खुदाई का पूरा कार्य जेसीबी मशीन से कराया गया है, जबकि मनरेगा के तहत मशीनों के उपयोग पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद मशीनों का उपयोग होना नियमों का सीधा उल्लंघन माना जा रहा है।
सीमेंट की गुणवत्ता भी संदेह के घेरे में
निर्माण कार्य में “Deacons” नामक सीमेंट का उपयोग किया जा रहा है, जिसकी गुणवत्ता पर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इसकी गुणवत्ता की पुष्टि केवल जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
जांच और कार्रवाई की उठी मांग
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे है, ताकि मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना में पारदर्शिता बनी रहे और गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सुनिश्चित हो सके।


