कबीरधाम पुलिस ने होटल, लॉज एवं ढाबा संचालकों की बैठक लेकर दिए सख्त निर्देश, “समाधान एप्प” के उपयोग पर विशेष जोर
कवर्धा। कबीरधाम पुलिस द्वारा जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने एवं आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से होटल, लॉज एवं ढाबा संचालकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह (IPS) के निर्देशानुसार एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र बघेल तथा अमित पटेल के मार्गदर्शन में पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कृष्ण कुमार चंद्राकर द्वारा आयोजित की गई।
बैठक के दौरान पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कृष्ण कुमार चंद्राकर ने उपस्थित संचालकों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि यदि कोई विदेशी नागरिक किसी होटल या लॉज में ठहरता है, तो उसकी जानकारी निर्धारित प्रपत्र (फॉर्म) में भरकर तत्काल संबंधित पुलिस थाना में अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। साथ ही समाधान एप्प में भी उसकी प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए। इस प्रक्रिया का पालन नहीं करने पर संबंधित संचालक के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने आगे निर्देशित किया कि किसी भी परिस्थिति में नाबालिग बालक या बालिकाओं को बिना वैध पहचान पत्र एवं आवश्यक जांच के कमरे उपलब्ध न कराए जाएं। हाल ही में जिले में घटित एक संवेदनशील घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने ऐसे मामलों में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सभी होटल एवं लॉज संचालकों को निर्देशित किया गया कि अपने यहां ठहरने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान पत्र की अनिवार्य जांच करें तथा उनका पूरा विवरण रजिस्टर में विधिवत दर्ज करें। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति दिखाई देने पर तत्काल संबंधित थाना को सूचित किया जाए, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा संचालित “समाधान एप्प” के संबंध में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। बताया गया कि यह एप्प होटल एवं लॉज संचालकों के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल माध्यम है, जिसके जरिए वे अपने यहां ठहरने वाले व्यक्तियों का ऑनलाइन रिकॉर्ड सुरक्षित रूप से दर्ज कर सकते हैं।
अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि समाधान एप्प के माध्यम से अतिथि का नाम, पता, पासपोर्ट विवरण, आगमन एवं प्रस्थान की तिथि सहित अन्य आवश्यक जानकारी ऑनलाइन अपलोड की जा सकती है, जिससे पुलिस प्रशासन को वास्तविक समय में सूचना प्राप्त होती है। इससे सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी करने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने में सहायता मिलती है।
पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कृष्ण कुमार चंद्राकर ने कहा कि डिजिटल प्रणाली को अपनाने से पारदर्शिता बढ़ेगी तथा पुलिस एवं होटल संचालकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। उन्होंने सभी संचालकों से समाधान एप्प का नियमित उपयोग सुनिश्चित करने की अपील की।
बैठक में ढाबा संचालकों को भी स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि किसी भी ढाबा या सार्वजनिक स्थल पर अवैध रूप से शराब परोसना पूर्णतः प्रतिबंधित है। यदि किसी भी प्रतिष्ठान में इस प्रकार की गतिविधि पाई जाती है तो संबंधित संचालक के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान समय में होटल एवं लॉज में ठहरने वाले व्यक्तियों का सटीक रिकॉर्ड रखना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि कई बार असामाजिक एवं आपराधिक तत्व इन स्थानों का उपयोग छिपने या अवैध गतिविधियों के लिए करते हैं। उन्होंने सभी संचालकों से पुलिस के दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा किसी भी सूचना को तत्काल साझा करने की अपील की।
बैठक में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक योगेश कश्यप, साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक महेश प्रधान, डीएसबी प्रभारी निरीक्षक नितिन तिवारी सहित जिले के समस्त होटल, लॉज एवं ढाबा संचालक उपस्थित रहे।


