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एक्स रिपोर्टर न्यूज़ । राजनांदगांव

नियम विरुद्ध तरीके से शराब विक्रय के आरोपों को लेकर आए दिन सुर्खियों में रहने वाले जिला आबकारी विभाग में लंबे समय से बाबू और आरक्षक कुर्सी जमाए बैठे हैं। शिकायतों के बावजूद कर्मचारियों का तबादला आज तक नहीं किया गया है। जबकि नियमानुसार शासकीय कर्मचारियों का प्रत्येक 3 वर्ष में तबादला किया जाना है। सूचना का अधिकार के तहत इस मामले का खुलासा हुआ है। अभी तक कर्मचारियों का तबादला क्यों नहीं किया गया? इसकी वजह अफसर नहीं बता पा रहे हैं।

City reporter@राजनांदगांव: आबकारी दफ्तर में सूचना का अधिकार बना मजाक, अफसर से ज्यादा बाबू की धाक, मांगी गई जानकारी देने में बरत रहे कोताही, शिकायत पर नहीं हो रही न्याय संगत सुनवाई…

सूचना का अधिकार के तहत मिली जानकारी अनुसार राजनांदगांव आबकारी विभाग में 23 अधिकारी कर्मचारी पदस्थ हैं। इनमें से एक मुख्य लिपिक जून 2016 से और एक आबकारी आरक्षक अगस्त 2016 से विभाग में पदस्थ है। आखिर ऐसी क्या वजह है कि अभी तक इन कर्मचारियों का तबादला नहीं किया गया, यह जानकारी अफसर भी देने से बच रहे हैं।

जोगी कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप

लंबे समय से विभाग में जमे बाबू का स्थानांतरण नहीं किए जाने को लेकर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने विरोध दर्ज करवाया है। दुर्ग संभाग के अध्यक्ष अनिरुद्ध वर्मा ने बीते 18 मार्च 2026 को आबकारी आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंप कर लंबे समय से राजनांदगांव में पदस्थ बाबू को स्थानांतरित करने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बाबू के ही संरक्षण में जिला आबकारी विभाग में शराब का अवैध कारोबार तेजी से फल फूल रहा है। इससे राजनांदगांव आबकारी विभाग की छवि धूमिल हो रही है।

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