*पंडरिया विधानसभा की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने विधायक भावना बोहरा ने सदन में विद्यालय उन्नयन एवं शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार की मांग की*
*ग्रामीण और वनांचल क्षेत्र की शिक्षा पर जोर, विधायक भावना बोहरा ने बजट चर्चा में रखे पंडरिया विधानसभा के महत्वपूर्ण मुद्दे*
▪️प्रश्नकाल में किसान क्रेडिट कार्ड, विधानसभा में पर्यटन स्थलों के विकास, आदिवासी युवाओं के आजीविका एवं स्वरोजगार के विषय में पूछा प्रश्न
कवर्धा। छत्तीसगढ़ विधानसभा में स्कूल शिक्षा विभाग के बजट पर हुई चर्चा के दौरान पंडरिया विधानसभा विधायक भावना बोहरा ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा के समग्र विकास, विद्यालयों के उन्नयन और शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार, कन्या हाई स्कूल की स्थापना एवं विद्यालयों में छात्राओं के लिए शैचालयों की सुविधा सुदृढ़ करने की मांग सदन में रखा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए विद्यालयों के बुनियादी ढांचे तथा संसाधनों का सुदृढ़ीकरण निरंतर किया जा रहा है। परन्तु पंडरिया विधानसभा अंतर्गत ग्रामीण एवं वनांचल एवं आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में विद्यालय भवनों के निर्माण, हाई स्कूल का हायर सेकेंड्री में उन्नयन, नवीन शाला भवनों के निर्माण तथा विद्यालयों में छात्राओं हेतु जर्जर स्थिति में शौचालयों की मरम्मत और सुव्यवस्थित करने की आवश्यकता है। उन्होंने मांग की कि क्षेत्र के विद्यालयों के उन्नयन, छात्र-छात्राओं के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बजट में विशेष प्रावधान किया जाए।
इसके साथ ही भावना बोहरा ने क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों के विषय में भी प्रश्न किया। उन्होंने पंडरिया विधानसभा में पर्यटन स्थलों के विकास हेतु प्रश्न किया कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत चिन्हित/विकसित पर्यटन स्थलों की संख्या कितनी है? वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में पंडरिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कितने पर्यटन स्थलों के विकास, सौंदर्याकरण एवं संरक्षण के लिए कितनी राशि स्वीकृत एवं व्यय की गई है? क्या पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के वनांचल एवं आदिवासी क्षेत्र कुकदुर के ग्राम भैंसाउदार स्थित जल प्रपात को पर्यटन स्थल के रूप में चिन्हांकित किया गया है? यदि हाँ, तो इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने और उससे स्थानीय रोजगार सृजन करने के लिए क्या रूपरेखा बनाई गई है? जिसके लिखित उत्तर में पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल जी ने बताया कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के द्वारा एक पर्यटन स्थल पारस नगर बकेला चिन्हांकित किया गया है। वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में पंडरिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत चिन्हित पर्यटन स्थल के विकास, सौंदर्गीकरण एवं संरक्षण हेतु कोई राशि स्वीकृत नहीं की गयी है। भैंसादार (भैंसाओदार) स्थित जल प्रपात को पर्यटन स्थल के रूप में चिन्हांकित नहीं किया गया है। नवीन पर्यटन स्थल चिन्हांकित करने हेतु जिला प्रशासन से निर्धारित प्रारुपों में प्रस्ताव मांगे गये है। प्रस्ताव प्राप्त होने पर निर्धारित मापदंडों के आधार पर मुल्यांकन कर नवीन पर्यटन स्थल चिन्हांकित किया जाना प्रस्तावित है।
कबीरधाम में संचालित आजीविका एवं स्वरोजगार योजनाओं के सन्दर्भ में भावना बोहरा ने प्रश्न किया कि कबीरधाम जिले में विभाग द्वारा आदिवासी युवाओं एवं परिवारों के लिए वर्तमान में कौन-कौन सी आजीविका एवं स्वरोजगार योजनाएँ संचालित हैं? वित्तीय वर्ष 2024-25 में इन योजनाओं के अंतर्गत कबीरधाम जिले में कितने आदिवासी हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया? इन योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन एवं वित्तीय सहायता की क्या व्यवस्था की गई है ? जिसके लिखित उत्तर में आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम जी ने बताया कि आदिवासी युवाओं एवं परिवारों के स्वरोजगार के लिए वर्तमान में आदिवासी स्वरोजगार बैंक प्रवर्तित योजना, बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम में निःशुल्क अध्ययन की सुविधा, हॉस्पिटालिटी एवं होटल मैनेजमेंट प्रशिक्षण, निःशुल्क वहां चालक प्रशिक्षण जैसे योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इन योजनाओं के तहत पंडरिया विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2024-25 में 14 एवं कवार्धा विधानसभा अंतर्गत 29 इस प्रकार कुल 43 आदिवासी युवा लाभान्वित हुए हैं।
किसान क्रेडिट कार्ड एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदन व लाभार्थी के विषय में भावना बोहरा ने प्रश्न किया कि कबीरधाम जिले में किसान क्रेडिट कार्ड योजना के कितने लाभार्थी है? वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 में कबीरधाम जिले में किसान क्रेडिट कार्ड योजनान्तर्गत कुल कितने आवेदन प्राप्त हुए हैं ? प्राप्त आवेदनों में से कितने आवेदकों को लाभ प्रदान किया गया है तथा वर्तमान में कितने आवेदन लंबित हैं? कबीरधाम जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के कितने किसान पंजीकृत है ? वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 में कबीरधाम जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत कुल कितने आवेदन प्राप्त हुए है? प्राप्त आवेदनों में से कितने आवेदकों को लाभ प्रदान किया गया है तथा वर्तमान में कितने आवेदन लंबित हैं? उक्त अवधि में कबीरधाम जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत कुल कितने लाभार्थी किसान द्वारा कुल कितनी राशि का दावा (क्लेम) किया गया है? विधानसभावार जानकारी देवें।
आदिम जाति विकास मंत्री ने लिखित उत्तर में बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड की जानकारी विधानसभा क्षेत्रवार संधारित नही की जाती है। कबीरधाम जिले में दिनांक 31.12.2025 की स्थिति में किसान क्रेडिट कार्ड के कुल 1,14,992 कृषक पंजीकृत है, जिनमें से वर्ष 2024-25 एवं वर्ष 2025-26 में कृषि ऋण हेतु क्रमशः 96,662 एवं 99,227 कृषकों द्वारा आवेदन देकर लाभ प्राप्त किया गया। लंबित आवेदनों की संख्या निरंक है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कृषको का पंजीकरण नहीं किया जाता है अपितु मौसमवार, वर्षवार एवं फसलवार फसल बीमा आवरण प्राप्त करने के इच्छुक कृषको से प्राप्त आवेदनो का परीक्षण कर आवेदनो की राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल (एन.सी.पी.आई) में प्रविष्टि की जाती है एवं जानकारियो का संधारण तहसीलवार किया जाता है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत बीमित कृषकों द्वारा बीमा दावा राशि का क्लैम नहीं किया जाता है अपितु योजना के प्रावधानानुसार फसल क्षति के आधार पर दावा गणना कर पात्र बीमित कृषकों को दावा राशि का भुगतान किया जाता है। वर्ष 2025-26 में 508388 फसल बिमा हेतु आवेदन प्राप्त हुआ 499537 आवेदन स्वीकृत हुए हैं और 191 आवेदन अपात्र हैं।
भावना बोहरा ने कबीरधाम में पशु टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत टीकाकरण के विषय में प्रश्न किया कि कबीरधाम जिले में संचालित पशु टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत विगत दो वर्षों में कितने पशुओं का टीकाकरण किया गया है? क्या किसी ग्राम में समय पर टीकाकरण नहीं हो पाने से पशु रोगों का प्रकोप बढ़ने का प्रकरण सामने आया हैजिसके लिखित उत्तर में विभागीय मंत्री जी ने बताया कि कबीरधाम जिले में संचालित पशु टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष 2023-24 में 9,41,560 एवं 2024-25 में 11,43,168 पशुओं का टीकाकरण किया गया है। भविष्य में जिलें में पशु टीकाकरण का पूर्ण कवरेज सुनिश्चित करने हेतु विभाग द्वारा विभागीय संस्थाओं में कार्यरत अधिकारी/कर्मचारी तथा जिलें में सक्रिय पशुधन मित्र/मैत्री को सम्मिलित कर, टीकाकरण दल गठन। पूर्व निर्धारित रोस्टर अनुसार निर्धारित तिथि के पूर्व ग्राम में मुनादी कराकर एवं स्थानीय ग्राम पंचायतों एवं निकायों के सहयोग से शत्-प्रतिशत टीकाकरण कवरेज सुनिश्चित करना तथा शिविरों के माध्यम से विभिन्न संक्रामक रोगों से बचाव व नियंत्रण के संबंध में जन-जागरूकता अभियान का संचालन करना है।


