- पत्रकारिता विभाग द्वारा विस्तार गतिविधि कार्यक्रम
राजनांदगांव। शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजनांदगांव में प्राचार्य डॉ. के. एल. टाण्डेकर के मार्गदर्शन एवं पत्रकारिता विभागाध्यक्ष डॉ.बी.एन.जागृत के नेतृत्व में पत्रकारिता विभाग द्वारा विस्तार गतिविधि कार्यक्रम के अंतर्गत बल्देव बाग स्थित सबेरा संकेत अखबार कार्यालय का शैक्षणिक भ्रमण किया। 
विभागाध्यक्ष डॉ. बी. एन. जागृत ने छात्रों को बताया सबेरा संकेत राजनांदगांव का सबसे पुराना अखबार छपाई का कार्यालय है जिसमें सबेरा संकेत नाम का ही अखबार छपता है सबेरा संकेत का इतिहास लगभग 67 वर्ष पुराना है, जहां समाचार पत्र के लिए कौन समाचार एकत्र करते हैं, प्रिंटिंग प्रेस से कैसे उसे आम पाठक तक जल्द से जल्द पहुंचाने की कोशिश होती है और इसके लिए कैसे समाचार पत्र के संपादकीय, विज्ञापन, प्रिंटिंग और अन्य स्टाफ एक टीम के रूप में कार्य करते हैं, इन बातों के बारे में भी जानकारी प्राप्त किया।
सबेरा संकेत प्रमुख शैलेंद्र कोठारी ने कहा कि सबेरा संकेत 1975 से दैनिक अखबार के रूप में प्रकाशित हो रहा है। सोशल मीडिया या डिजिटल मीडिया यह सब अभी शुरू हुए हैं पूर्व में प्रिंट मीडिया बहुत ही संघर्ष भरा कार्य हुआ करता था लेखन कार्य से लेकर आज के समय में कंप्यूटर और इंटरनेट के आ जाने से कार्यों में थोड़ी सरलता आ गई है। वहीं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के आ जाने के बाद से प्रिंट मीडिया की लोकप्रियता ने कमी आई है लेकिन प्रिंट मीडिया ने अपनी विश्वसनीयता अभी भी बरकरार रखी है।
पत्रकारिता एवं जनसंचार के द्वितीय वर्ष के छात्र और सबेरा संकेत में कार्यरत अखिलेश खोब्रागड़े द्वारा सभी छात्र छात्राओं को अखबार छपने की प्रक्रिया, वितरण सहित, अखबार किन – किन विभागों से होकर गुजरता है और किस मशीनों द्वारा क्या कार्य किए जाते हैं। पूर्व में अखबार किस तरीके से छपते थे। और आज के समय अखबार की छपाई में क्या – क्या बदलाव के बारे मे जानकारी दिये। साथ ही श्री खोब्रागडे ने सभी छात्रों को कार्यालय के भवन का भ्रमण कराया गया।
स्ववित्तीय व्याख्याता अमितेश सोनकर ने छात्रों को बताया की खबरों के सोर्सेस के माध्यम से जो समाचार एकत्रित करने के बाद अखबार में प्रकाशित होने के लिए किन – किन पक्रिया से होकर गुजरना पड़ता, जिसे हम क्लास के दौरान अध्यापन किये है लेकिन आज भ्रमण के दौरान प्रत्येक कार्य को प्रायोगिक रुप से देखने व समझने को मिला। स्ववित्तीय व्याख्याता सेऊक दास ने छात्रों को बताया पुराने मशीनों और आज की अत्याधुनिक मशीनों में किस प्रकार का परिवर्तन आ चुका है दैनिक भास्कर जनसत्ता अमर उजाला ऐसे बड़े – बड़े अखबारों में नई और अत्याधुनिक मशीनों का उपयोग हो रहा है। स्ववित्तीय व्याख्याता विभा सिंह ने कहा कि प्रिंट मीडिया मे होने वाले कार्य एक लंबी प्रक्रिया से गुजर कर पाठकों तक पहुंचता है मीडिया के सभी क्षेत्रों में से प्रिंट मीडिया को सर्वाधिक विश्वसनीय माना जाता है।
कार्यालय भ्रमण के दौरान पत्रकारिता के सभी विद्याथियों को साहित्य संपादक प्रेरणा तिवारी, प्रांतीय संपादक आरती दुबे, प्रांतीय सह संपादक बी.एस. चौहान, ले आऊट डिजाइनर कुबेर साहू, गिरधर साहू, कम्प्यूटर रीडिंग लता घोषपाल, मशीन आपरेटर संजय मिश्रा सभी ने अपने – अपने कार्यो के बारे में जानकारी दी।

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