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राजनांदगांव। राजगामी संपदा की पांच एकड़ की भूमि को गैर कानूनी ढंग से वाइडनर स्कूल ने हस्तांतरित कर स्वयं की संपत्ति बता कर अनुचित लाभ लिया जा रहा है जिसकी लिखित शिकायत पांच वर्ष से हो रही है, लेकिन जांच आज भी प्रक्रियाधीन है। राज्य सरकार ने जांच के आदेश दिए, डीजीपी ने जांच के आदेश दिए, कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए लेकिन अब तक जांच पूर्ण नही हो पाई।
हैरत की बात यह कि इस स्कूल ने राजगामी संपत्ति को स्वयं की संपत्ति बताकर वर्ष 2018-19 में मान्यता नवीनीकरण भी करा लिया और जिला शिक्षा अधिकारी ने तो आज तक जांच भी आरंभ नही किया है।
जानकार बताते है कि सक्षम अधिकारी चाहे तो जांच पांच दिन में पूर्ण हो सकता है क्योंकि सभी दस्तावेजी साक्ष्य सक्षम अधिकारीयों के कार्यालय में उपलब्ध है लेकिन लेटलतीफी से यह तो प्रमाणित हो रहा है कि दोषीयों को बचने का अवसर प्रदान किया जा रहा है या बचाया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पाॅल का कहना है कि शिक्षा विभाग और राजगामी संपदा ने पांच वर्षो में जांच पूर्ण नही किया, पुलिस विभाग ने तो फाईल कलेक्टर को भेज दिया गया और कलेक्टर ने फाईल एसडीएम को भेज दिया, लेकिन जांच पूर्ण नही हुआ, कार्यवाही करने में सक्षम अधिकारी कतरा क्यों रहे है, यह समझ से परे है।

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