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मोहला। कलेक्टर मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी श्री एस जयवर्धन ने कलेक्टर कक्ष में राईस मिलर्स एवं उद्यमियों की बैठक ली। कलेक्टर ने जिले में वनोपज आधारित खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की प्रबल संभावना है। जिसे देखते हुए इस दिशा में विशेष प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने वनांचल पैकेज की उपयोगिता एवं महत्व को ध्यान में रखते हुए तथा उद्योग स्थापना के लिए शासकीय भूमि का चिन्हांकन करने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने औद्यौगिक नीति 2019-2024 अंतर्गत उद्योग स्थापित करने पर विभिन्न अनुदान एवं सुविधाओं के संबंध में समीक्षा की।

कलेक्टर श्री एस जयवर्धन ने कहा कि मोहला मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिला अति पिछड़े क्षेत्र की श्रेणी में होने के कारण औद्योगिक नीति अनुसार इन्हें द की श्रेणी में रखा गया है। द श्रेणी के विकासखंडों में सूक्ष्म व लघु उद्योगों में कुल निवेशित स्थायी पूंजी निवेश का 45 प्रतिशत अनुदान अधिकतम राशि 70 लाख रूपए की पात्रता होगी। इस नीति के अंतर्गत राज्य के महिला उद्यमी, अनुसूचित जाति व जनजाति, सेवानिवृत्त सैनिक, नक्सलवाद से प्रभावित व्यक्ति, तृतीय लिंग एवं नि:शक्तजन वर्ग के उद्यमियों द्वारा 5 करोड़ रूपए के पूंजीगत लागत तक के नवीन उद्योगों की स्थापना हेतु 25 प्रतिशत मार्जिन मनी अनुदान दिया जाएगा। जिसकी अधिकतम सीमा राशि 50 लाख रूपए है। इस अवसर पर महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र राजनांदगांव श्री बीपी वासनिक, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी के नोडल अधिकारी श्री सानू व्ही वर्गीस, खाद्य अधिकारी श्री आशीष रामटेके, जिला विपणन अधिकारी श्री प्रमोद सोम, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम श्री आईके पटेल, राईस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री संजय जैन व अन्य राईस मिलर्स, श्री किशोर इरपाते, सहायक संचालक एमएसएमई रायपुर उपस्थित थे।

By Amitesh Sonkar

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