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फूड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में है रोजगार की बेहतर संभावनाएं…बी.टेक खाद्य प्रौद्योगिकी 4 वर्षीय पाठ्यक्रम एक नया अवसर

  • कृषि विश्वविद्यालय द्वारा संचालित खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में प्रवेश ले सकते हैं विद्यार्थी

राजनांदगांव 19 जुलाई 2022। भारत के शिक्षा परिदृश्य में पिछले कुछ वर्षों में काफी बदलाव आया है। युवा विद्यार्थी आज ज्ञानोन्मुखी शैक्षणिक पाठ्यक्रमों के स्थान पर रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता देने लेगे हैं। देश में रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों का महत्व दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी भी एक ऐसा पाठ्यक्रम है जिसमें रोजगार-व्यवसाय की बेहतर संभावनाएं हैं। विगत कुछ वर्षो में खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी से संबंधित उपक्रम एक बड़े एवं विस्तृत रूप में सामने आये हैं। सर्वेक्षण से यह पता चला है कि प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि होने से एवं बदलते समय के अनुसार व्यस्त जिन्दगी में शहरी लोगों की जीवन शैली में प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की मांग में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

छत्तीसगढ़ प्रदेश में विभिन्न फसलों, सब्जियों, फलों एवं लघु अनाज एवं वनोपज की प्रचुरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ में भी खाद्य प्रौद्योगिकी से संबंधित प्रसंस्करण की तकनीकों का उपयोग करते हुए अनेक प्रकार के डब्बा बंद, प्रसंस्कृत उत्पाद, इंस्टैन्ट, रेडी-टू-ईट प्रकार के खाद्य व्यंजनों का निर्माण आसानी से किया जा सकता है। फसल और फल सब्जियों का उत्पादन लगातार बढ़ता जा रहा हैं एवं उनकी खपत उस मौसम में न होने के कारण अधिकांश समय कृषकों को हानि की संभावना होती है। ऐसी स्थिति से बचने के लिये इन फसलों, फल, सब्जियों में खाद्य प्रौद्योगिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण की तकनीकों का उपयोग करके इनसे मूल्यवर्धित उत्पादों का निर्माण किया जा सकता है जिसे कि गैर मौसमी समयकाल में आसानी से उपयोग किया जा सकता है एवं ऐसा करने से कृषक समुदाय को आर्थिक लाभ आवश्यक रूप से प्राप्त होगा। इन फसलों से मूल्यवर्धित पदार्थ बनाने से प्रदेश के किसानों, युवाओं, महिला स्वसहायता समूहों को रोजगार प्राप्त करने में भी आसानी होगी। खाद्य प्रौद्योगिकी आधारित प्रसंस्करण के कार्य भविष्य के लिये अत्यंत उपयोगी हैं एवं इस क्षेत्र के बहुमुखी विकास हेतु मानव संसाधन का विकास करना अति आवश्यक है। हमारे देश के कई राज्यों ने इस विषय की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए अपने-अपने प्रदेशों जैसे महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तरप्रदेश आदि प्रदेशों में या तो अनुसंधान केन्द्र प्रारंभ किये गये या बी. टेक. (खाद्य प्रौद्योगिकी) के शैक्षणिक संस्थान प्रारंभ किये गये।

छत्तीसगढ़ राज्य में भी खाद्य प्रौद्योगिकी के महत्व को देखते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, रायपुर में वर्ष 2020 से प्रारंभ किया है। इस 4 वर्षीय पाठयक्रम के पश्चात बी.टेक. फूड टेक्नालाजी की उपाधि प्रदान की जाती है। इसका सिलेबस भारतीय भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आई.सी.ए.आर.) नई दिल्ली द्वारा अनुमोदित हैं। इस बी.टेक. फूड टेक्नालाजी कोर्स की 36 सीटों में प्रवेश हेतु विद्यार्थी को गणित, भौतिक, रसायन विषय के साथ 12 वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य हैं तथा व्यापम छत्तीसगढ द्वारा आयोजित पी.ई.टी. की परीक्षा में प्रावीण्यता के आधार पर प्रवेश दिया जाता हैं। वर्ष 2022-23 में इस पाठयक्रम में प्रवेश का विज्ञापन शीघ्र ही जारी किया जाएगा एवं अधिक जानकारी हेतु 222.द्बद्दद्म1.ड्डष्.द्बठ्ठ का भ्रमण करें। प्रवेश संबंधी जानकारी हेतु 9425525249 पर व्हाट्सएप कर सकते हैं। इस 4 वर्षीय पाठयक्रम के दौरान विद्यार्थियों को खाद्य अभियांत्रिकी, खाद्य प्रौद्योगिकी, खाद्य रसायन, खाद्य माइक्रोबायोलाजी, खाद्य व्यापार प्रबंधन, खाद्य पदार्थो की गुणवत्ता जांच से संबंधित विषयों को महत्व के अनुसार शिक्षण एवं प्रायोगिक कार्य हेतु अलग-अलग घण्टे निर्धारित किये गये हैं। अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को खाद्य प्रौद्योगिकी से संबंधित संस्थानों, केन्द्रों, इंडस्ट्रीज जैसे बेकरी उद्योग, रेडी-टू- ईट फूड, विभिन्न प्रकार के बेवरेजेज, खाद्यान्नों की पिसाई यूनिट, खाद्य तेल से संबंधित उद्योग, फल और सब्जी के विभिन्न मूल्यवर्धित पदार्थ तथा इनकी पैकेजिंग, दुग्ध एवं दुग्ध-निर्मित उत्पाद, अनाज प्रसंस्करण, कन्फेक्शनरी, चॉकलेट, सोया-निर्मित उत्पाद, नमकीन, स्नैक्स, चिप्स, बिस्कुट, तरह-तरह के मसाला उद्योग में प्रशिक्षण दिया जाएगा एवं संतोषजनक प्रशिक्षण के पश्चात विद्यार्थी उपाधि हेतु योग्य होंगे। बी.टेक फूड टेक्नालाजी स्नातक खाद्य प्रसंस्करण, खाद्य प्रौद्योगिकी संबंधित क्षेत्र के शासकीय, निजी संस्थान, उपक्रम में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं तथा देश-विदेश के अनेक विश्वविद्यालयों, संस्थानों में उच्च अध्ययन हेतु प्रवेश ले सकते हैं।

By Amitesh Sonkar

Sub editor

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