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कथा शिल्पी डाॅ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी की 129वीं जयंती मनाई
  • सृजन संवाद में मनाई गई बख्शीजी की 129वीं जयंती
राजनांदगांव। शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा कथा शिल्पी डाॅ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी की 129वीं जयंती सृजन संवाद भवन में मनाई गई। दिग्विजय महाविद्यलय के प्राचार्य डाॅ. के. एल. टांडेकर की अध्यक्षता में आयोजित इस आयोजन में बख्शीजी के परिजनों सहित स्थानीय साहित्यकारों,  नागरिकों तथा महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने भाग लिया।
इस अवसर पर त्रिवेणी संग्रहालय के सृजन संवाद भवन में साहित्य विमर्श नामक चरचा गोष्ठी मे बख्शी साहित्य की विविध विधाओं पर विमर्श किया गया। इस विमर्श में हिंदी विभागाध्यक्ष डाॅ. शंकर मुनि राय सहित मुख्य वक्ता डाॅ. दादूलाल जोशी, मुख्य अतिथि श्री डीसी जैन तथा बख्शी जी के पौत्र एडव्होकेट श्री गजेन्द्र बख्शी ने अपने विचार रखे।
सर्व प्रथम प्राचार्य डाॅ. टांडेकर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बख्शी का उल्लेख ऐसे साहित्यकार के रुप में किया जिन पर हिंदी साहित्य को गर्व है। विभागाध्यक्ष डाॅ. शंकर मूनि राय ने बख्शी जी की संपादकीय विशेषताओं का रोचक ढंग से उल्लेख किया। मुख्य वक्ता डाॅ दादू लाल जोशी ने उनकी निंबंध कला पर प्रकाश डाला तथा साहित्यकार डाॅ. योगेन्द्र पाण्डेय ने बख्शी जी की कविताओं का सस्वर पाठ किया। बख्शी जी के शिष्य रह चुके मुख्य अतिथि श्री डीसी जैन ने उनसे जुड़े कई रोचक प्रसंग सुनाये।
कार्यक्रम का संचालन श्री अमलेन्दु हाजरा और आभार प्रदर्शन डाॅ. श्रीमती नीलम तिवारी ने किया। इस अवसर पर प्रोफेसर डाॅ. डीपी कुर्रे, डाॅ. हुकुमचंद जैन, डाॅ. दिव्या देशपाण्डेय, डाॅ. अनिता महिश्वर, डाॅ. उषा ठाकुर, डाॅ. अनिता शंकर, डाॅ. सुमिता श्रीवास्तव, श्री पंकज भारती, केशवराम आडिल, नूतन देवांगन, हेमपुष्पा, लोकेश शर्मा, अमितेश सोनकर तथा रश्मि साहू आदि की गरिमामयी उपस्थिति रही।

By Amitesh Sonkar

Sub editor

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