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धान ने बदला ठिकाना, सिस्टम ने बदली नजर—50 क्विंटल से अधिक अवैध धान आराम से बिका – आकाश केशरवानी

राइस मिल से खरीदी केंद्र पहुँचा 50 क्विंटल से अधिक अवैध धान

कवर्धा। कबीरधाम जिले में धान खरीदी शुरू होने के बाद से अवैध धन को सरकारी संग्रहण केंद्रों में खपाने का खेल लगातार सामने आ रहा है। इसके बावजूद कठोर विभागीय कार्रवाई न होने से यह कारोबार और बेखौफ होता जा रहा है। ताजा मामला जेवड़नखुर्द धान संग्रहण केंद्र से जुड़ा है, जहां राइस मिल से लाया गया धान ट्रैक्टर और पिकअप के माध्यम से उतारे जाने का गंभीर आरोप लगा है। इस पूरे प्रकरण को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश युवा कांग्रेस के सचिव आकाश केशरवानी ने कलेक्टर गोपाल वर्मा को ज्ञापन सौंपते हुए दोषियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है।

कबीरधाम जिले में धान खरीदी प्रारंभ होने के बाद से लगातार अवैध धान खरीदी केंद्रों में धान खपाने के मामले सामने आते रहे हैं। लेकिन अब तक कठोर विभागीय कार्रवाई नहीं होने के कारण अवैध गतिविधियों पर अंकुश नहीं लग पाया है। इसी लापरवाही के चलते जिले में बड़ी मात्रा में धान अवैध रूप से खपाया जा रहा है।

4 फरवरी की रात 7 से 9 बजे के बीच रबेली रोड स्थित माहेश्वरी राइस मिल से ट्रैक्टर में धान लोड किया गया। इसके बाद 5 फरवरी की सुबह लगभग 10 बजे ट्रैक्टर एवं पिकअप वाहन के माध्यम से 40 से 60 क्विंटल के बीच धान जेवनखुर्द संग्रहण केंद्र में खपाया गया। यह धान अवैध रूप से राइस मिल से लाकर संग्रहण केंद्र में खपाया गया, जो नियमों का खुला उल्लंघन है। इसके बावजूद संबंधित विभाग द्वारा अब तक कोई ठोस कारवाई नहीं की गई है।

इस दौरान न कोई चेकिंग हुई, न कोई सवाल-जवाब। ऐसा लगा मानो धान को वीआईपी पास मिला हो। ट्रैक्टर-ट्रॉली और पिकअप बेधड़क सड़कों पर दौड़ती रहीं और निगरानी तंत्र शायद किसी और फाइल में उलझा रहा। प्रशासन की ओर से पहले खूब ढोल पीटे गए थे कि अवैध धान, बाहरी धान और मिल से निकले धान पर सख्त नजर रखी जाएगी। लेकिन हकीकत यह है कि धान ने सिस्टम को चकमा दिया और खरीदी केंद्र तक विजयी यात्रा पूरी कर ली।

छत्तीसगढ़ प्रदेश युवा कांग्रेस के सचिव आकाश केशरवानी ने बताया कि जिले के कवर्धा विधायक एक ओर तो भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करने की बात करते हैं, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। वे स्वयं भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने का काम कर रहे हैं।धान खरीदी वर्ष 2024–2025 में 7 करोड़ रुपये से अधिक का धान घोटाला सामने आया, जिसमें पूरा जिला बदनाम हुआ और दोष चूहा के ऊपर लगा प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हुए। इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

वर्तमान धान खरीदी वर्ष 2025–2026 में भी स्थिति चिंताजनक है। दर्जनों राइस मिलों के माध्यम से अन्य राज्यों से अवैध धान प्रशासनिक सांठगांठ के तहत कबीरधाम जिले में खपाया गया, लेकिन आज तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि भ्रष्टाचार को खुला संरक्षण दिया जा रहा है और जिम्मेदार लोग मौन साधे हुए हैं।

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