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ओबीसी महासभा की प्रमुख मांगो को लेकर कवर्धा एस.डी.एम चेतन साहू को सौपा ज्ञापन l

कवर्धा :- ओबीसी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राधेश्याम साहू के नेतृत्व मे व जिलाध्यक्ष बालाराम साहू के मार्गदर्शन मे ओबीसी महासभा द्वारा अलग-अलग बिंदुओं पर विगत वर्षों से प्रतिमाह ज्ञापन कलेक्टर / एसडीएम/तहसीलदार के माध्यम से छत्तीसगढ़ प्रदेश के सभी जिला में महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, महामहिम राज्यपाल, मुख्यमंत्री आदि के नाम ज्ञापन सौंपा गया है,
उपरोक्त विषयांतर्गत 33 बिन्दुओ पर ओबीसी महासभा ने अपनी मांगे रखी है कि हाल ही में जारी जनगणना 2027 के प्रथम चरण-हाउसलिस्टिंग एवं हाउसिंग जनगणना के प्रश्नावली में प्रश्न कं. 12 विशेष चिंता का विषय बना हुआ है। इस प्रश्न में केवल अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य का विकल्प दिया गया है, जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का कोई उल्लेख नहीं है।

यह तथ्य अत्यंत गंभीर है, क्योंकि भारत सरकार ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी कि जनगणना 2027 में जाति आधारित गणना शामिल की जाएगी। ऐसे में प्रथम आधिकारिक प्रपत्र में OBC का स्पष्ट उल्लेख न होना महत्वपूर्ण प्रश्न खड़े करता है।

ओबीसी महासभा यह पत्र ‘विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा 13 जनवरी 2026’ को अधिसूचित ‘उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने वाले विनियम, 2006 के प्रति अपना पूरा समर्थन व्यक्त करते हैं। ये विनियम पूरे भारत के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में निष्पक्ष। समावेशी और सुरक्षित शैक्षणिक बातावरण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

इन नए विनियमों का उद्देश्य सरल और प्रभावी है. उच्च शिक्षा में “समानता को बढ़ावा देना और भेदभाव को रोकना। कई वर्षों से वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों को कक्षा छात्रावास पुस्तकालय और अन्य शैक्षणिक स्थानों पर अनुचित व्यवहार का सामना करना पड़ा है। वर्ष 2008 के से विनियम इस समस्या को समझते हैं और हर उच्च शिक्षा संस्थान के लिए स्पष्ट कदम तय करते हैं ताकि सभी छात्रों शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ सम्मानए गरिमा और समानता का व्यवहार होका विनियम यजीसी के काननी ढांचे के अंतर्गत लाए गए हैं और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 भावना को दशति हैं. जो शिक्षा में समावेशन और सामाजिक न्याय पर जोर देती है।

इन विनियमों की एक बहुत महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि हर उन शिक्षा मस्तान *समान अवसर केंद्र (Equal Opportunity Centre EOC) की स्थापना अनिवार्य की वंचित वर्गों के छात्रों और कर्मचारियों को शैक्षणिक सहायता परामर्श करियर मार्गदर्श अधिकारों की जानकारी प्रदान करेगा। यह केंद्र एक ऐसा सहयोगी और सुलभ स्थान होगा शिक्षार्थी आत्मविश्वास के साथ भाग ले सकें विशेष रूप से वे लोग जो स्वयं को उपेक्षित पर अलग-थलग महसूस करते हैं।
निम्न सभी ऐसे प्रमुख 33 मांगो को लेकर ज्ञापन सौपा गया है, ज्ञापन देने के लिए विशेष रूप से उपस्थित प्रदेश सचिव आनंद साहू, अजय, चंद्राकर संभाग उपाध्यक्ष कौशल साहू, जिलाध्यक्ष बालाराम साहू, पूर्णिमा चंद्राकर, जीवन कौशिक उपाध्यक्ष,जिला महासचिव भुनेश्वर गढ़ेवाले, जिला महासचिव हरीश साहू, प्रमुख रूप से उपस्थित रहे l

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