राजनांदगाँव। ग्राम बांकल में शासन द्वारा रेत उत्खनन हेतु खनिज पट्टाधारी को खसरा क्रमांक 406 रकबा 4.85 हेक्टेयर की लीज प्रदान की गई थी। उक्त खदान संचालक द्वारा अपने क्षेत्रफल से बाहर रेत का उत्खनन किया गया। जिसपर शिवसेना सहित ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन द्वारा कार्यवाही कर खदान में हो रहे उत्खनन को अवैध तरीके से होना बताया। और प्रशासन द्वारा उक्त ठेकेदार पर जुर्माने की कार्यवाही कर खदान की लीज रद्द करने की कार्यवाही करने उच्च अधिकारियों को भेजा गया है।। जिसपर ठेकेदार द्वारा फिर से उत्खनन प्रारम्भ करने की जानकारी सरपंच के समक्ष प्रस्तुत किया। ज्ञात हो कि पहले जब प्रशासन ने जांच की थी तो नदी में रेत उत्खनन से कुँवा रूपी गढ्ढा हो गया था। क्योंकि रेत उत्खनन के लिए बहती नदी के बीच हाई पवार डीजल मोटर का इस्तेमाल किया जा रहा था। और अब फिर वो मोटर नदी में उतार दी गयी है। जिस पर ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुवे मुख्यमंत्री के नाम आवेदन कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया। और अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुवे। जल्द से जल्द जांच पूरी कर खनिज पट्टा निरस्त करवाने की मांग ग्रामीणों ने रखी।
पर्यावरण विभाग और जल संसाधन विभाग द्वारा बरती जा रही लापरवाही – शिवसेना
शिवसेना के जिलाध्यक्ष कमल सोनी, उपाध्यक्ष मोहन सिन्हा, जिला महासचिव बल्लू लोढा, कर्णकान्त श्रीवास्तव और विधानसभा अध्यक्ष आकाश सोनी ने संयुक्त रूप से कहा कि पर्यावरण विभाग और जल संशाधन विभाग द्वारा उक्त मामले में लापरवाही बरती जा रही है। पर्यावरण विभाग द्वारा अब तक जांच की कार्यवाही ही नही की गई। साथ ही जल संसाधन विभाग द्वारा नदी के प्रवाह से छेड़छाड़ करने पर कोई ठोस कार्यवाही नही दिख रही। जिला प्रशासन जल्द से जल्द पर्यावरण और जल संसाधन विभाग द्वारा कार्यवाही करावें अन्यथा शिवसेना उग्र आंदोलन करेगी। जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी प्रशासन की होगी।


