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प्रतिदिन लगभग 70-80 से अधिक पशुओं का उपचार पशुधन की सेवा के लिए जिला पशु चिकित्सालय द्वारा प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य

  •  पिछले वर्ष कुल 213 नि:शुल्क माईनर एवं मेजर सर्जरी का किया गया कार्य
  •  उपचार टीकाकरण के साथ ही घायल पशुओं का 24ङ्ग7 किया जा रहा ईलाज

राजनांदगांव 19 मई 2022। पशुधन की सेवा के लिए जिला पशु चिकित्सालय राजनांदगांव द्वारा प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य किया जा रहा है। अपनी बेहतर कार्यशैली एवं सेवाभावना के कारण संस्थान की विशेष पहचान बनी है। जिला पशु चिकित्सालय राजनांदगांव पशुधन विकास विभाग जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए सबसे बड़ा जिला स्तरीय पशु चिकित्सा संस्थान है जहां प्रतिदिन लगभग 70-80 से अधिक पशु उपचार हेतु लाये जाते हैं। इस संस्थान द्वारा दैनिक ओपीडी के अलावा नगर निगम राजनांदगांव के सभी 51 वार्ड में सभी पशुओं में समस्त प्रकार के रोग प्रतिबंधात्मक टीकाकरण कार्य एवं टीकाकरण अभियान, सघन बधियाकरण, सभी अस्वस्थ पशुओं का उपचार कार्य, दुर्घटना में घायल पशुओं का 24ङ्ग7 उपचार, नस्ल सुधार कार्यक्रम का निष्पादन, कृत्रिम गर्भाधान कार्य, बहुउद्देशीय पशु चिकित्सा शिविरों का आयोजन, इनाफ टैगिंग जैसे कार्य संपादित किये जा रहे हैं। पिछले वर्ष कुल 213 नि:शुल्क माईनर एवं मेजर सर्जरी का कार्य संपादित किया गया है। उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवायें डॉ. राजीव देवरस के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में प्रभारी जिला पशु चिकित्सालय डॉ. रजनीश अग्रवाल एवं सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी श्री उत्तम कुमार फंदियाल एवं टीम द्वारा समर्पित भाव से सेवाएं दी जा रही हैं।
वित्तीय वर्ष 2021-22 में कुल 7016 पशुओं के उपचार व रोग निदान के साथ-साथ 9682 पशुओं को औषधि वितरण किया गया है। इस संस्थान के क्षेत्रांगर्तत लगभग 10 हजार विभिन्न पशु उपलब्ध हैं, जिसमें भारत सरकार द्वारा निर्धारित इनाफ टैगिंग का कार्य संपादित किया जा चुका है। नस्ल सुधार कार्यक्रम के तहत संस्था द्वारा नियमित रूप से उच्च गुणवत्तायुक्त कृत्रिम गर्भाधान सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हंै। संपूर्ण नगर निगम क्षेत्र के निकृष्ठ साण्डों का बधियाकरण कर नस्ल सुधार हेतु बेहतर प्रयास किये जा रहें है। इससे क्षेत्र में अच्छी नस्ल के वत्स उत्पन्न हो रहें है जो कि पशुपालकों के दुग्ध उत्पादन में वृद्वि एवं आर्थिक विकास में सहायक होगें।
संस्थान द्वारा प्रतिवर्ष रोग प्रतिबंधात्मक टीकाकरण अंतर्गत संपूर्ण क्षेत्र में गौवंशीय-भैंसवंशीय पशुओं में गलघोटू, एक टंगिया, खुरहा चपका, भेड़-बकरियों में इंटेरोटाक्सिमिया, पी.पी.आर., सूकरों में स्वाइन फीवर का शतप्रतिशत टीकाकरण किया जा रहा है। बु्रसेलोसिस का टीकाकरण किया गया है। संस्थान द्वारा श्वानों में होने वाली 9 बीमारियों का टीकाकरण नियमित किया रहा है। रैबीज रोग से बचाव हेतु रैबीज का टीकाकरण सभी श्वानों में चिकित्सालय में प्रतिदिन किया जाता है।
क्षेत्र के पशुपालकों को सभी सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध होती है। केवल पंजीयन शुल्क के रूप में जिला पशु कल्याण समिति की निर्धारित शुल्क लिया जाता है। पिछले वर्ष संस्था को कुल पंजीयन के रूप में रूपये 55180 रूपए की राजस्व प्राप्त हुई है। संस्थान में बेहतर रख-रखाव एवं साज-सज्जा की गई है। यहां की टीम व्यवहार कुशल एवं पशु सेवा के लिए समर्पित है।

By Amitesh Sonkar

Sub editor

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