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सेवाओं का मूल्यांकन मानदेय से नही है : डाॅ. टांडेकर

  • दिग्विजय महाविद्यालय के प्राचार्य ने ली अतिथि व्याख्याताओं/ स्व-वित्तीय एवं जनभागीदारी शिक्षकों की बैठक
  • शिक्षकों ने एक दिन का मानदेय विवेकानंद कोष में देने की दी सहमती

राजनांदगांव। शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय, राजनांदगांव के प्राचार्य डाॅ. के.एल. टांडेकर ने महाविद्यालय के अतिथि व्याख्याताओं/स्व-वित्तीय एवं जनभागीदारी शिक्षकों की बैठक ली। प्राचार्य ने बैठक में शिक्षकों से कहा कि आपकी सेवाओं का मूल्यांकन मानदेय से नही है। विद्यार्थियों के लिए समर्पित होकर कार्य करें। दिये गये जिम्मेदारी का निर्वहन करे। नैक तथा अन्य गतिविधियों में आपकी महती भूमिका है। रिसर्च के प्रति अपनी जिज्ञासा बढ़ाएं। अध्ययन अध्यापन के अतिरिक्त विद्यार्थियों का स्कील डेव्हलपमेंट, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करावे। महाविद्यालय प्रशासन के प्रत्येक आदेश निर्देश का पालन करे। विद्यार्थी हित में कार्य करें। अपनी प्रतिभा का विद्यार्थियों का लाभ दे। इन्ट्राक्टीव बोर्ड से पढावें, समय पर आये, अनुशासन बनाकर रखें। यदि कक्षा खाली हो तो इंग्गेज कर ले उसके विद्यार्थियों में आपकी आस्था बढे़गी। लाइब्रेरी जाने की आदत डाले। महाविद्यालय के ग्रेड बढाने में अपना योगदान दे। यदि महाविद्यालय आपको मान सम्मान दिया है तो आप भी महाविद्यालय को दे। सामाजिक दायित्व का भी निर्वहन करे। अतिथि व्याख्याताओं/स्व-वित्तीय एवं जनभागीदारी शिक्षकों ने सर्वसम्मति से 1 दिन का मानदेय निर्धन विद्यार्थियों के लिए बनाए गए विवेकानंद फंड में देने की सहर्ष स्वीकृति दी। जिसके लिए महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ.के.एल. टांडेकर ने धन्यवाद दिया।

By Amitesh Sonkar

Sub editor

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