चेकडेम निर्माण में लापरवाही उजागर, ग्रामीणों ने उठाए गंभीर सवाल

कवर्धा XReporter News।। जिले के जनपद पंचायत स.लोहारा अंतर्गत ग्राम पंचायत – मोहगांव में मनरेगा योजना के तहत किए गए चेकडेम निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। यह निर्माण कार्य बाबूराम निषाद के खेत के पास झोरी नाला में लगभग 19 लाख रुपये की लागत से कराया गया है, लेकिन ग्रामीणों ने इसमें भारी लापरवाही और नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया है।

ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण कार्य की शुरुआत में ही मशीनों का उपयोग किया गया, जो मनरेगा के नियमों का सीधा उल्लंघन है। योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना होता है, लेकिन यहां मशीनों के उपयोग से इस उद्देश्य को दरकिनार किया गया।
सबसे हैरानी की बात यह है कि कार्य पूर्ण होने के बाद सूचना बोर्ड लगाया गया, जबकि नियमानुसार कार्य प्रारंभ होने से पहले ही सूचना पटल स्थापित किया जाना चाहिए, ताकि आमजन को कार्य की पूरी जानकारी मिल सके।

सूचना बोर्ड में मानक टाइल्स का अभाव:
मनरेगा के तहत बनाए गए निर्माण कार्य स्थल पर लगाए जाने वाले सूचना बोर्ड में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया है। बोर्ड में न तो छत्तीसगढ़ सरकार का मोनो (लोगो) युक्त टाइल्स लगाया गया है और न ही महात्मा गांधी जी का टाइल्स प्रदर्शित किया गया है, जो कि मनरेगा कार्यों में अनिवार्य रूप से लगाया जाना चाहिए।
यह नियमों की अवहेलना को दर्शाता है और कार्य में पारदर्शिता की कमी को उजागर करता है।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि जिस स्थान पर चेकडेम बनाया गया है, वहां न तो नाला स्पष्ट रूप से मौजूद है और न ही इसकी कोई वास्तविक आवश्यकता प्रतीत होती है। इससे यह सवाल उठता है कि आखिर किस आधार पर इस स्थान का चयन किया गया। इसे प्रशासनिक लापरवाही या फिर लाभ पहुंचाने की मंशा से किया गया कार्य माना जा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि चेकडेम और रिटर्निंग वॉल निर्माण कार्यों में ठेकेदारी प्रथा हावी है और संबंधित एजेंसियों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से कार्य किए जा रहे हैं। इसके बावजूद अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
कार्यवाही का अभाव:-
वहीं, जनपद स.लोहारा के अंतर्गत कई ग्राम पंचायतों में इसी प्रकार के निर्माण कार्यों में तकनीकी गुणवत्ता की कमी देखने को मिल रही है। निर्माण के दौरान न तो मटेरियल की सही जांच की जाती है और न ही कार्यस्थल पर स्वीकृत स्टीमेट व आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध रहते हैं। इससे मनमाने ढंग से निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं।
इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि मनरेगा जैसी जनहितकारी योजना का दुरुपयोग रोका जा सके।


