उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ को दिखाई हरी झंडीः कहा- बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ के लिए यह एक सराहनीय पहल..
कवर्धा। छत्तीसगढ़ शासन के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले में बाल विवाह मुक्ति की दिशा में एक बड़े अभियान का शंखनाद किया। कृषक सहयोग संस्थान के 100 दिवसीय विशेष अभियान के अंतर्गत आयोजित इस “बाल विवाह मुक्ति रथ यात्रा” को उप मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने न केवल अभियान की सराहना की, बल्कि स्वयं हस्ताक्षर अभियान का हिस्सा बनकर समाज को इस कुप्रथा के खिलाफ एकजुट होने का संदेश भी दिया।
उप मुख्यमंत्री ने किया जागरूक नागरिक का आह्वान
रथ को रवाना करते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने इस पहल को अति आवश्यक और सराहनीय बताते हुए कहा कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के स्वास्थ्य और उनके विकास के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने कृषक सहयोग संस्थान और जेआरसी के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए पूरी टीम को सफल यात्रा के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं हस्ताक्षर अभियान से दिया कड़ा संदेश कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से तैयार किए गए फ्लेक्स पर हस्ताक्षर कर बाल विवाह के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। उनके इस कदम ने जिले के युवाओं और नागरिकों के बीच एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया है।
क्या है बाल विवाह मुक्ति रथ यात्रा
यह यात्रा जिले के विभिन्न संवेदनशील गांवों का भ्रमण करेगी। लाउडस्पीकर और पोस्टरों के माध्यम से बाल विवाह के कानूनी परिणामों और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए ग्रामीणों को बाल विवाह न करने और इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को देने की शपथ दिलाई जाएगी। इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों और स्थानीय समुदायों को इस लड़ाई में सक्रिय भागीदार बनाना।
संस्था की वैश्विक और स्थानीय सक्रियता
कृषक सहयोग संस्थान के आशु चंद्रवंशी ने बताया कि कृषक सहयोग संस्थान देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन का सहयोगी संगठन है, जो देश के 451 जिलों में सक्रिय है। कबीरधाम जिले में पिछले 2 वर्षों से बाल विवाह, बाल श्रम, बाल यौन शोषण के खिलाफ जमीनी स्तर पर निरंतर कार्य किया जा रहा है। इस अभियान का लक्ष्य केवल रथ घुमाना नहीं, बल्कि समुदायों में एक ऐसा नेटवर्क तैयार करना है, जो बाल विवाह की सूचना मिलते ही उसे रोकने के लिए ढाल बनकर खड़ा हो जाए।
इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विदेशी राम धुर्वे, नितेश अग्रवाल, जनपद अध्यक्ष बालका रामकिंकर वर्मा, जनपद उपाध्यक्ष नन्द श्रीवास, जिला पंचायत सभापति डॉ वीरेंद्र साहू, जिला पंचायत सभापति मनीराम साहू, जिला पंचायत सदस्य रूपसिंह धुर्वे, नगर पंचायत अध्यक्ष विजय पाटिल, नगर पंचायत उपाध्यक्ष लव निर्मलकर, मोहन धुर्वे, बरसाती राम वर्मा, अमित वर्मा, कांशीराम उइके, लक्ष्मण सत्यवंशी, कुलदीप चंद्रवंशी, आशु चंद्रवंशी, जिला समन्वयक ललित सिन्हा, खेमलाल खटर्जी, मितानिन कार्यक्रम प्रबंधक सत्यप्रकाश साहू, सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और उपस्थित रहे।


