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सामान्य सेवा केंद्रों के माध्यम से 78 प्रतिशत से अधिक पंजीकरण पूर्ण

हम चाहते हैं कि सभी लोग पंजीकरण कराएं ताकि हर श्रमिक सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सके: श्री भूपेंद्र यादव

xreporter news: 26 SEP 2021 by PIB Delhi
असंगठित क्षेत्र और असंगठित रोजगार में 1.71 करोड़ से अधिक श्रमिकों के पंजीकरण के साथ ई-श्रम पोर्टल ने अपने शुभारंभ का एक माह पूरा कर लिया है। 25 सितंबर तक पोर्टल पर 1,71,59,743 श्रमिकों ने पंजीकरण कराया है।

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ई-श्रम पोर्टल (https://eshram.gov.in/) का उद्घाटन 26 अगस्त, 2021 को केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने किया था। इस अवसर पर श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री श्री रामेश्वर तेली भी उपस्थिति थे। पोर्टल प्रवासी श्रमिकों, निर्माण श्रमिकों, जीआईजी और प्लेटफॉर्म श्रमिकों सहित असंगठित श्रमिकों का यह पहला राष्ट्रीय डेटाबेस है। यह असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं का लाभ पहुंचाने की सुविधा प्रदान करता है।

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उपर्युक्‍त आंकड़े पंजीकरण कार्य की साप्ताहिक प्रगति को दर्शाते हैं। महत्वपूर्ण रूप से, प्रत्येक सप्ताह व्‍यापक रूप से उपलब्धि को अर्जित करने के अलावा श्रमिकों की लामबंदी के साथ यह अभियान और परिपुष्‍ट हुआ है। 19.52 लाख से अधिक पंजीकरण के साथ दूसरे सप्ताह की तुलना में तीसरे और चौथे सप्ताह में पंजीकरण तेजी से बढ़ा। चौथे सप्ताह में 69.53 लाख से अधिक श्रमिकों ने ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराया।

इस अभियान को गति देने के लिए केंद्रीय श्रम और रोजगार एवं पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने कल महाराष्ट्र के मुंबई में असंगठित श्रमिकों को ई-श्रम कार्ड वितरित किए। श्री यादव ने कोविड-19 से अपनी जान गंवाने वाले श्रमिकों के आश्रितों को ईएसआई कोविड-19 राहत योजना के लिए अनुमोदन पत्र और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना राहत स्‍कीम के अनुमोदन पत्र भी भेंट किए।

ई-श्रम पोर्टल पर अपने विचार व्‍यक्‍त करते हुए मंत्री महोदय ने असंगठित क्षेत्र के प्रत्येक श्रमिक का पोर्टल पर पंजीकरण होने की इच्छा व्यक्त की। उन्‍होंने कहा कि पंजीकरण आवश्यक है, ताकि हम जान सकें कि प्रत्येक व्‍यवसाय में कितने श्रमिक हैं। पोर्टल पर पहले ही 400 से अधिक व्‍यवसायों का प्रतिनिधित्व किया जा चुका है। हम चाहते हैं कि सभी लोग पंजीकरण कराएं ताकि छोटे से छोटा कार्य करने सहित हर श्रमिक सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सके। उन्‍होंने कहा कि इसके अलावा पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले श्रमिक अब 2 लाख रुपये तक का बीमा प्राप्त करने के पात्र हैं।

श्री यादव ने व्‍यापार संघों के नेताओं, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और नियोक्ताओं के साथ भी वार्तालाप करते हुए विभिन्‍न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। भारत सरकार के मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) श्री डी.पी.एस. नेगी और मुंबई के केन्द्रीय उप मुख्य श्रम आयुक्त श्री तेज बहादुर भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

श्री नेगी ने कहा कि पोर्टल को सफल बनाने में राज्य सरकारों, स्थानीय स्वशासन, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, जीआईजी श्रमिकों को रोजगार देने वाली ऐप आधारित सेवाओं, असंगठित क्षेत्र के नियोक्ताओं की भी बड़ी भूमिका होगी। आयुक्त ने उल्लेख करते हुए कहा कि ‘सबका साथ, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ जैसी प्रधानमंत्री की शासन परिकल्‍पना के अनुरूप, इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए श्रमिकों के विश्वास के साथ-साथ सभी हितधारकों के प्रयासों की भी आवश्यकता है।

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माननीय केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार एवं पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव ने 25 सितंबर, 2021 महाराष्‍ट्र के मुंबई में असंगठित श्रमिकों को अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना राहत स्‍कीम एवं ई-श्रम कार्ड हेतु स्वीकृति पत्र वितरित किये तथा व्‍यापार संघों के नेताओं, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों एवं नियोक्ताओं से वार्तालाप किया।

रोचक बात यह है कि अब तक पंजीकृत श्रमिकों में लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं हैं। ई-श्रम पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराने वाली महिलाओं के कार्यबल प्रतिशत में सप्ताह दर सप्ताह सुधार हुआ है। महिला कामगारों की हिस्सेदारी पहले सप्ताह में लगभग 37 प्रतिशत से बढ़कर नवीनतम सप्ताह अर्थात चौथे सप्ताह में लगभग 50 प्रतिशत हो गई है।

पिछले सप्ताह के आंकड़ों के विश्लेषण से जानकारी मिलती है कि घरेलू कार्य से जुड़ा महिला कामगारों का एक बड़ा हिस्सा स्‍वयं को पोर्टल पर पंजीकृत करवा रहा है। यह व्यवसाय की एक श्रेणी है जहाँ महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक है। इसके अलावा, महिलाएं कृषि जैसे क्षेत्रों में श्रमिकों के रूप में, खाद्य उद्योग में सहायक और मशीन ऑपरेटरों के रूप में, परिधान उद्योग में सहायक और दर्जी के रूप में, तंबाकू/बीड़ी रोलिंग की छोटी इकाइयों में और स्वास्थ्य उद्योग में आशा/एएनएम के रूप में कार्यबल का पर्याप्त अनुपात रखती हैं। इसलिए पोर्टल पर पंजीकरण से होने वाली विभिन्न सुरक्षा योजनाओं के तहत महिलाओं के सबसे कमजोर समूह का बीमा किया जाता है।

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ई-श्रम पोर्टल पर असंगठित श्रमिकों के पंजीकरण की संख्या के संदर्भ में राज्यों की साप्ताहिक रैंकिंग

राज्‍यों की श्रेणी सप्‍ताह 1 सप्‍ताह 2 सप्‍ताह 3 सप्‍ताह 4
1 ओडिसा ओडिसा बिहार ओडिसा
2 बिहार बिहार ओडिसा पश्चिम बंगाल
3 उत्‍तर प्रदेश पंजाब उत्‍तर प्रदेश बिहार
4 मध्‍य प्रदेश पश्चिम बंगाल पश्चिम बंगाल उत्‍तर प्रदेश
5 आंध्र प्रदेश मध्‍य प्रदेश मध्‍य प्रदेश मध्‍य प्रदेश
         
आख्‍यान   पिछले सप्ताह की तुलना में रैंक में सुधार को दर्शाता है
    पिछले सप्ताह की तुलना में स्थानों/रैंकिंग में गिरावट को दर्शाता है

पहले सप्ताह से ही ओडिशा और बिहार में प्रथम स्थान बनाए रखने के लिए एक-दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा जारी रही है। जहां बिहार पहले से तीसरे स्थान पर पहुंच गया वहीं तीसरे और चौथे सप्ताह के बीच, ओडिशा ने पोर्टल के शुभारंभ के बाद से कुल चार हफ्तों में से तीन में, सफलतापूर्वक ई-श्रम पोर्टल पर असंगठित श्रमिकों के पंजीकरण के मामले में पहला स्थान बनाए रखा है।

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पंजीकरण प्रक्रिया को सफल बनाने में सीएससी की पहुंच महत्वपूर्ण हो जाती है। जैसा कि ऊपर दिए गए आंकड़े में बताया गया है, सीएससी की पहुंच में लगातार सुधार हुआ है और पंजीकरण के एक तरीके के रूप में उनकी लोकप्रियता बढ़ी है। प्रथम सप्ताह में 56.36 प्रतिशत पंजीकरण सीएससी के माध्यम से किए गए थे जबकि चौथे सप्ताह में 78 प्रतिशत से अधिक पंजीकरण सीएससी के माध्यम से पूरे किए गए। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को सीएससी के माध्यम से ई-श्रम पोर्टल पर अपने संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को संगठित करने और पंजीकृत करने के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।

ई-श्रम पोर्टल को आधार के साथ जोड़ा गया है और इसमें पंजीकृत श्रमिकों के नाम, व्यवसाय, पते, शैक्षिक योग्यता, कौशल प्रकार और परिवार के विवरण आदि का विवरण होगा। इस प्रकार यह उनकी रोजगार क्षमता का अधिकतम लाभ उठाने में सक्षम होगा और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में सक्षम बनाएगा।

16-59 वर्ष की आयु के बीच का कोई भी असंगठित क्षेत्र में कार्य करने वाला श्रमिक ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण करने का पात्र है। प्रवासी श्रमिक, जीआईजी श्रमिक, प्लेटफॉर्म श्रमिक, कृषि श्रमिक, मनरेगा श्रमिक, मछुआरे, दूधवाले, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्ट्रीट वेंडर, घरेलू कामगार, रिक्शा चालक और असंगठित क्षेत्र में इसी तरह के अन्य व्यवसायों से जुड़े अन्य कामगार सभी इसमें पात्र हैं।

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By Karnkant Shrivastava

B.J.M.C. Chief Editor Mo. No. 9752886730

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