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श्री बघेल विश्व फॉर्मासिस्ट दिवस पर आयोजित कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए

रायपुर. 25 सितम्बर 2021

छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में वनौषधियों से जुड़े उद्योगों की स्थापना के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी। इसके लिए कच्चा माल, जमीन, श्रम और जरूरी अधोसंरचनाएं सरकार प्राथमिकता से मुहैया कराएगी। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज इंडियन फॉर्मासिस्ट एसोशिएशन, छत्तीसगढ़ द्वारा राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रेक्षागृह में विश्व फॉर्मासिस्ट दिवस के मौके पर आयोजित कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में वनौषधियां प्रचुर मात्रा में मौजूद है। यहां का 44 प्रतिशत भू-भाग वन क्षेत्र है, जहां विभिन्न प्रकार की वनौषधियां बहुतायत में मिलती हैं। उन्होंने फॉर्मासिस्टों को आह्वान करते हुए कहा कि वे यहां दवा और वनौषधि से संबंधित उद्योगों की स्थापना के लिए आगे आएं। स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव तथा राज्यसभा सांसदद्वय श्रीमती छाया वर्मा और श्रीमती फूलोदेवी नेताम भी कॉन्फ्रेंस में शामिल हुईं।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने मुख्य अतिथि के रूप में कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया के सभी दवा निर्माताओं का छत्तीसगढ़ में स्वागत है। यहां दवा उद्योग स्थापित करने के इच्छुक व्यक्ति या समूह राज्य के हों या राज्य के बाहर के हों, सरकार उन्हें सभी आवश्यक संसाधन, सुविधाएं और छूट प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्थापित होने वाले वनौषधि इकाईयों को लघु वनोपज संघ द्वारा निर्धारित दरों पर ही कच्चा माल उपलब्ध कराया जाएगा। स्थानीय स्तर पर उत्पादित दवाईयों को आयुष एवं स्वास्थ्य विभाग बिना किसी निविदा के सीधे   खरीद सकता है।

मुख्यमंत्री ने कॉन्फ्रेंस में कहा कि जेनेरिक दवाईयों को लोकप्रिय बनाने में फॉर्मासिस्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। जेनेरिक दवाओं का उपयोग बढ़ाकर कम खर्चे में लोगों को इलाज उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने प्रदेश में कोरोना संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम में फॉर्मासिस्टों के साथ ही डॉक्टरों, नर्सों, तकनीशियनों, ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक व स्वयंसेवी संगठनों तथा शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों के योगदान की खुले दिल से तारीफ की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के कठिन दौर में समाज के सभी वर्गों का महत्वपूर्ण सहयोग मिला। पूरा प्रदेश एकजुट होकर कोरोना से लड़ा और इस पर विजय पाई।

स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ पूरे देश में एक ‘मॉडल स्टेट’ के रूप में उभर रहा है। यहां होने वाले नवाचारों और नई पहलों पर पूरे देश की नजर रहती है। कोरोना काल में डॉक्टरों और अन्य मेडिकल स्टॉफ के साथ फॉर्मासिस्टों ने भी खतरों के बीच बहुत सराहनीय काम किया है। कोरोना के विरूद्ध लड़ाई के दौरान पूरी दुनिया में दवाईयों के लगातार निर्माण, पहुंच और वितरण सुनिश्चित करने में फॉर्मासिस्टों की बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। संक्रमण के खतरों के बीच मेडिकल परिसरों में दवा दुकानें और फॉर्मासिस्ट निरंतर लोगों की सेवा में मुस्तैद रहे। लोगों तक जीवनरक्षक दवाईयों की पहुंच सुनिश्चित करने में फॉर्मासिस्ट जरूरी कड़ी है। शासकीय एवं निजी चिकित्सा संस्थानों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में फॉर्मासिस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

श्री सिंहदेव ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र की जरूरतों पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने सहानुभूतिपूर्वक विचार किया है। उन्होंने उदारता से नए पदों के सेट-अप और नई भर्तियों की मंजूरी दी है। फॉर्मासिस्टों के भी 187 पदों पर भर्ती के विज्ञापन जारी किए गए हैं। कॉन्फ्रेंस में उल्लेखनीय कार्य करने वाले फॉर्मासिस्टों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री एवं अन्य अतिथियों द्वारा ‘फॉर्मासिस्ट बुक’ का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ हॉस्पिटल बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता, इंडियन फॉर्मासिस्ट एसोशिएशन, छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार वर्मा, एसोशिएशन के पदाधिकारीगण सर्वश्री राहुल वर्मा, वैभव शास्त्री और संदीप चन्द्राकर सहित प्रदेश भर से बड़ी संख्या में आए फॉर्मासिस्ट भी मौजूद थे।

By Karnkant Shrivastava

B.J.M.C. Chief Editor Mo. No. 9752886730

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