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जिले में अवैध बोर-खनन धड़ल्ले से जारी, कौन जिम्मेदार?

खनन पर कलेक्टर की लगाई रोक का कोई असर नहीं, कार्यवाही कब

कवर्धा XReporter News। कबीरधाम जिला कलेक्टर ने जिले में बोर-खनन पर 30 जून तक रोक लगाने का आदेश दिया है। मगर भयावह गर्मी के चलते पानी की कमी से चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है। इसलिए लोग किसी भी तरह पानी की व्यवस्था के लिए हाथ-पैर मारते नजर आ रहे हैं। विभिन्न वाडों में मौजूदा बोर सूखते जा रहे हैं। वाटर लेवल कम होने से पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई है। सरकारी जल आपूर्ति से आवश्यक मात्रा में पानी नहीं मिल पा रहा है। कहीं लोग टैंकर से पानी मँगवा रहे हैं, तो कहीं आस-पड़ोस के बोर से पानी ढोकर लाया जा रहा है। मगर व्यवस्था न होने पर लोग नए बोर करवाने मजबूर हो रहे हैं। मगर बोर खनन पर लगी रोक के चलते लोगों में असमंजस की स्थिति है। ऐसे में लोग न चाहते हुए भी प्रतिबंध का उल्लंघन कर रहे हैं।

इधर बोर खनन मशीन के मालिक और दलाल इस स्थिति का भरपूर फायदा उठा रहे हैं। प्रतिबंध का डर दिखा कर वास्तविक मूल्य से अधिक कीमत बोर करने के लिए वसूली जा रही है। इतना ही नहीं, बोर अपनी शर्तों पर किया जा रहा है। बोर के लिए केसिंग आप मार्केट से लेकर नहीं लगवा सकते हैं। केसिंग भी वो लोग खुद भारी भरकम रेट पर लगाकर देते हैं, अन्यथा बोर करने मना कर देते हैं। फिर केसिंग की वेल्डिंग और फिल्टर के नाम पर भी वसूली की जाती है।

अब देखने योग्य बात है कि प्रतिबंध के बावजूद इस तरह धड़ल्ले से बोर की खुदाई जारी रहने के लिए जिम्मेदार कौन है। इसकी निगरानी के लिए किसको अधिकृत किया गया है, यह अता-पता नहीं है। यहाँ कोई रोक-टोक और कार्यवाही न होने से सवाल उठना लाजिमी है। मगर कब प्रशासन की आँख खुलती है, देखते हैं।

 

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