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राजनांदगांव 23 फरवरी। शासन निर्देशानुसार 5 हजार वर्गफीट आवासीय भवनों में 1 रू. प्रक्रिया शुल्क में जारी डायरेक्ट भवन अनुज्ञा के प्रकरणों में बकाया अदायगी शुल्क जमा नहीं करने पर 93 भूखण्ड स्वामी तथा डायरेक्ट भवन अनुज्ञा के अतिरिक्त अन्य प्रकरणों में आंशिक विकास शुल्क के रूप में जमा होने वाली अदायगी राशि जमा नहीं करने पर 142 भूखण्ड स्वामी को निगम आयुक्त श्री अभिषेक गुप्ता ने शुल्क जमा करने नोटिस जारी किया है। इन्ही प्रकरणों में पूर्व में 31 निजी पंजीकृत वास्तुविद, इंजीनियर एवं पर्यवेक्षक के अनुज्ञप्ति को रद्द कर उनकी आई.डी. बंद कर उनका नाम काली सूची में दर्ज करने आदेश जारी किया गया है।
निगम आयुक्त श्री गुप्ता ने बताया कि शासन द्वारा नागरिकों को भवन निर्माण में सुविधा प्रदान करने 1 रूपया प्रक्रिया शुल्क में डायरेक्ट भवन अनुज्ञा देने का प्रावधान किया है, प्रावधान अनुसार मकान निर्माण करने पंजीकृत वास्तुविद के माध्यम से लोग भवन अनुज्ञा लेने आवेदन कर रहे है। आवेदन उपरांत उन्हें छ.ग. नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 366 की उप धारा (3) के तहत भवन अनुज्ञा प्रदान की गयी। अनुज्ञा उपरांत अनुज्ञा शुल्क सहित अन्य आवश्यक शुल्क भूस्वामियों को अदा करना था, किन्तु इनके द्वारा शुल्क अदा नही किया गया, जिसपर सीधे भवन अनुज्ञा प्रकरण के 93 भूखण्ड स्वामी एवं सीधे भवन अनुज्ञा के अतिरिक्त विकास शुल्क जमा करने 142 भूखण्ड स्वामी को निगम के भवन नजूल शाखा द्वारा समय समय पर नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि अनुज्ञा के लिये वास्तुविद इंजीनियर भवन अनुज्ञा आवेदन करने भूखण्ड स्वामी का अधिकृत आवेदक होता है, उनके द्वारा भी शुल्क अदा नही की गयी जिसके लिये उन्हें भी नोटिस जारी किया गया था। किन्तु उनके द्वारा नोटिस उपरांत भी बकाया शुल्क अदा नही किया गया। जिससे निगम को 2 करोड 51 लाख की वित्तीय क्षति हुई है।
आयुक्त श्री गुप्ता ने बताया कि 235 भू स्वामियों को 7 दिवस के भीतर बकाया अदायगी शुल्क जमा करने नोटिस जारी किया गया है। शुल्क जमा नहीं करने की स्थिति में संबंधित का भवन अनुज्ञा निरस्त माना जावेगा तथा निगम के स्वीकृति के आभाव में निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है, जोकि छ.ग. नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 239 के उल्लंघन के विरूद्ध धारा 302 एवं 307 के तहत वैधनिक कार्यवाही की जावेगी।
आयुक्त श्री गुप्ता ने बताया कि इन्ही प्रकरणों में शुल्क अदा नहीं करने पर 31 वास्तुविद, इंजीनियर व पर्यवेक्षक का आई.डी. बंद कर लायसेंस रद्द कर नगर निगम में अनुज्ञा आवेदन करने सदा के लिये प्रतिबंध लगाया गया है, जिनमें श्री नवीन साहू, श्री हिमांशु वैष्णव,श्री तिलक सिन्हा, श्री मयूर तेजवानी,श्री लोकेश लाडेकर,श्री प्रणय अन्द्रसकर,श्री आयुश जैन,श्री सागर हरिहारनों,श्री अभिशेक गोलछा,श्री अंकित श्रीवास्तव,श्री भुपेन्द्र जायसवाल,श्री नितिन देशमुख, श्री रमेश सोनी,श्री संगम सोनी,श्री संजीव देवांगन,श्री विजयभूशण साहू,श्री विनोद पाण्डे,श्री आकाश अग्रवाल,श्री अमीर अब्बासी,श्री चन्द्रकांत साहू,श्री देवेश राठौड़,श्री जय राठी,मोहम्मद सोहेल खान,श्री पूरब गौतम अवचट,सुश्री रितु साहू,श्री शशांक वानखेड़े,श्री शिशिर यादव,श्री स्वप्नील श्रीवास्तव,  श्री तुषार पाटिल,श्री वर्धमान छाजेड़ व अंकेश सिन्हा को ब्लेकलिस्टेट कर भवन अनुज्ञा आवेदन हेतु प्रतिबंधित किया  गया है।
आयुक्त श्री गुप्ता ने बताया कि भवन अनुज्ञा शुल्क सहित अन्य आवश्यक शुल्क अदा नहीं करने पर भूस्वामियों को नोटिस दिया जा रहा है, नोटिस उपरांत भी शुल्क अदा नहीं करने पर भवन अनुज्ञा निरस्त किया जावेगा, उसी प्रकार वास्तुविद, इंजीनियर व पर्यवेक्षक भी यदि शुल्क जमा नहीं करायेगे तो उनकी भी 31 के अलावा अन्य पंजीकृत वास्तुविदों का भी आई.डी. बंद कर लायसेंस रद्द किया जावेंगा।

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