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कर्णकान्त श्रीवास्तव

एक्स रिपोर्टर न्यूज। राजनांदगांव

लगातार शिकायत और समाचार प्रकाशन के बाद जिला व्यापार एवं उद्योग विभाग ने ममता नगर इंडस्ट्रियल एरिया की जांच तो शुरू कर दी लेकिन गोपनीय ढंग से। अब बंद दरवाजे के पीछे अधिकारी क्या जांच कर रहे है इस बारे में कुछ पता नहीं चल पा रहा है। ऐसे में जांच में लीपापोती की आशंका तेज हो चुकी है। दूसरी तरफ ममता नगर इंडस्ट्रियल एरिया से सटकर वर्धमान नगर में वर्षों से विराजमान औद्योगिक स्वास्थ एवं सुरक्षा विभाग के अफसर इस पूरे मामले से पूरी तरह अनजान या अनजान बनने का नाटक कर रहे है। उन्होंने आखिरी बार इलाके के उद्योगो की जांच कब की, उन्हें खुद ही नहीं मालूम। सीधे कहे तो इस डिपार्टमेंट ने ऑफिस की चारदिवारी में ही खुद को सिक्योर कर रखा है। जबकि शहर के सबसे पॉश इलाके में वर्षों से बिना फायर सेफ्टी के प्लास्टिक दाना फैक्ट्री का संचालन धड़ल्ले से किया जा रहा है। यह तो एक उदाहरण है इंडस्ट्रियल एरिया के सभी 55 भूखंड में लगे उद्योगो की जांच की जाए तो स्वास्थ और सुरक्षा का कितना ध्यान रखा गया है यह स्पष्ट होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।

City reporter@राजनांदगांव: फ्लाई एश ब्रिक्स निर्माण फैक्ट्री के नाम पर लीज पर ली जमीन और बना दिया ऑफिस भवन, उद्योग विभाग को चकमा देने परिसर में जमा रखी है दो दर्जन ईंट…

मीटर और खुद की सेल्फी लेकर लौटे जांच अधिकारी

हम देखना चाहते थे कि टीम आखिर मामले की जांच कैसे करती है। हमने अधिकारियों से संपर्क भी किया लेकिन उन्होंने टीम का लोकेशन बताने और साथ चलने से साफ मना कर दिया। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार इतने गंभीर मामले की जांच में अधिकारियों ने कुछ खास दिलचस्पी नहीं दिखाई है। टीम बनाकर जाने के बजाय अधिकारी अकेले ही उद्योगो में पहुंच गए। यहां उन्होंने बिजली मीटर का फोटो और खुद की सेल्फी ले ली और लौट आए।

पार्टनर बताकर जमीन को दे रखा है किराए पर

ममता नगर इंडस्ट्रियल एरिया में भिन्न-भिन्न उद्योग के लिए भूखंड उपलब्ध कराया गया है। लीज पर दिए गए भूखंड में सिर्फ एक ही उद्योग लगाया जा सकता है। लेकिन मौके पर नजारा कुछ और ही है। प्रत्येक भूखंड में दो से तीन बिजनेस चलाए जा रहे है। पूछने पर संचालक लीज धारक से पार्टनरशीप होने की बात कह रहे है। असल में लीज धारक ने गैरकानूनी तरीके से दूसरों को जमीन किराए पर दे रखी है। अब आगे देखना है कि विभाग की गोपनीय जांच में किन तथ्यों का खुलासा होता है।
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