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राजनांदगांव। शासन की योजनाओं से प्रेरित होकर जिले के किसानों में धान के बदले उद्यानिकी फसलों की ओर रूझान बढ़ाया है। जिले में केले की वाणिज्यिक फसल से किसान समृद्ध हो रहे हैं। व्यापक पैमाने पर खेतों में गुच्छे में केले की फसल लगी है। डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम रातापायली के किसान श्री अजय वैष्णव ने बताया कि वे पहले धान की फसल लेते थे। उद्यानिकी विभाग के प्रोत्साहन से उन्होंने पहली बार 1 हेक्टेयर में केले की फसल लगाई है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत केला क्षेत्र विस्तार अंतर्गत 37 हजार 500 रूपए का अनुदान मिला है। शासन की योजनाओं से लाभान्वित होते हुए मल्चिंग विधि से खेती कर रहे हंै। मल्चिंग के लिए उन्हें 16 हजार रूपए का अनुदान मिला है। उन्होंने बताया कि वे पहली बार केले की खेती कर रहे हैं। अच्छी फसल को देखते हुए 8 से 10 लाख रूपए तक मुनाफा होने की संभावना है। उन्होंने जी-9 वेरायटी का केला लगाया है। यह वेरायटी जिले की जलवायु के अनुकूल है।
डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम तिलईरवार के किसान श्री नवीन परमार अपने 4 हेक्टेयर में केला लगाये हैं। उन्हें राष्ट्रीय बागवानी मिशन अंतर्गत केला विस्तार क्षेत्र अंतर्गत 1 लाख 50 हजार रूपए की राशि प्राप्त हुई है। उनके भतीजे किसान श्री दुष्यंत परमार ने बताया कि इस बार अच्छी खेती हुई हैं और यहां का केला उत्तर प्रदेश, झारखण्ड, बिहार सहित अन्य राज्य भेज रहे हैं। इस वर्ष लगभग 15 लाख रूपए तक आमदनी हो जायेगी। उन्होंने कहा कि केले की खेती में बहुत मुनाफा है। उन्होंने अपने खेतों में टमाटर, बैंगन, कद्दू की फसल लगाई है। उल्लेखनीय है कि उद्यानिकी विभाग द्वारा जिले के किसानों को उद्यानिकी फसल लगाने के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। सहायक संचालक उद्यानिकी श्री राजेश शर्मा ने बताया कि किसानों को उद्यानिकी फसलों के लिए मार्गदर्शन दिया और उन्हें शासन की योजनाओं से अवगत कराया जा रहा है। किसान शासन की योजनाओं से लाभान्वित होते हुए उद्यानिकी फसलों का फायदा ले रहे हैं। उन्हें तकनीकी सहायता एवं आवश्यक सलाह एवं सुझाव दिया जा रहा है।

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