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रेंजर्स से भुगतान बंद कर अब सीधे डीएफओ से मजदूरी भुगतान करने की मांग, पीसीसीएफ के नाम सीसीएफ को सौंपा ज्ञापन…

कवर्धा। छत्तीसगढ़ फॉरेस्ट रेंजर्स एसोसिएशन के दुर्ग संभागीय शाखा द्वारा वन विभाग में वर्तमान में प्रचलित मजदूरी भुगतान प्रणाली में परिवर्तन कर आहरण, संवितरण अधिकारी डीएफओ स्तर से मजदूरी भुगतान किए जाने के संबंध में आज पीसीसीएफ वन और जलवायु परिवर्तन विभाग के नाम सीसीएफ दुर्ग को ज्ञापन सौंपा गया. जानकारी के अनुसार, फॉरेस्ट रेंजर्स एसोसिएशन के प्रांतीय कार्यकारिणी की आयोजित बैठक में इसके लिए सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था.

बता दें कि, छग. वन विभाग में वर्तमान में प्रचलित मजदूरी भुगतान प्रणाली के अनुसार समस्त प्रकार के कार्यों का मजदूरी भुगतान वन परिक्षेत्र अधिकारी को संवितरण अधिकारी बना कर किया जा रहा है. इस प्रणाली से न केवल शासकीय समय, श्रम और धन एवं संसाधन का व्यर्थ जाया हो रहा है. साथ ही वन परिक्षेत्र अधिकारी वन और वन्य जीव सुरक्षा संरक्षण के अपने मुख्य कार्य को बेहतर तरीके से नहीं कर पा रहे हैं. आरोप है कि, वर्तमान में अधिकतर रेंज कार्यालय में न तो सेटअप के अनुसार रेगुलर रेंज क्लर्क है और न ही क्षेत्रीय अमला, जिसके कारण वित्तीय भुगतान प्रबंधन एवं उसका सुक्ष्म अवलोकन तथा वन, वन्यजीव सुरक्षा और संरक्षण कार्य में संतुलन भी स्थापित नहीं हो पा रहा है. जिसका समस्त भार वनपरिक्षेत्र अधिकारी के ऊपर हो रहा है. साथ ही मजदूरी भुगतान और वन्यजीव संरक्षण में चूक हो जाती है.

वही इस मांग को लेकर समस्त रेंजर्स दुर्ग कार्यालय पहुंचकर वित्तीय वर्ष 2023-24 से समस्त कार्यों का भुगतान जहां वन मण्डलों में जहां अकाउंट के आधार पर ऑनलाइन प्रणाली से अब तक हो रहा है. वहां भुगतान सीधे डीएफओ के माध्यम से कराए जाने के संबंध में आज ज्ञापन दिया गया.

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