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  • वीडियोग्राफी फोटोग्राफी रोजगार की दृष्टि से है महत्वपूर्ण : डॉ. जागृत

राजनांदगांव। शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. के. एल. टांडेकर के निर्देशन एवं पत्रकारिता विभागाध्यक्ष डॉ. बी.एन.जागृत के मार्गदर्शन में पत्रकारिता विभाग द्वारा संचालित वैल्यू ऐडेड कोर्स वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी प्रशिक्षण के अंतर्गत आउटडोर फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी प्रशिक्षण के लिए स्पेशल ट्रेनर के रूप में वर्धा से पोस्ट ग्रेजुएट र्प्रोफेशनल कैमरामैन नितिन कुमार ठाकुर की उपस्थिति में गौरव पथ स्थित ऊर्जा पार्क में सम्पन्न हुआ।
विभागाध्यक्ष डाॅ. बी.एन.जागृत ने कहा कि फोटोग्राफी आज के समय में हमारे जीवन का एक बहुत ही खास हिस्सा बन गया है। इसके इस्तेमाल पर्सनल लाइफ से लेकर प्रोफेशनल लाइफ हर जगह है। वहीं डॉ. जागृत ने वीडियोग्राफी और फ़ोटोग्राफ़ी रोजगार की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है बताते हुए कहा कि फ़ोटोग्राफ़ी के द्वारा एक व्यक्ति को अपने अंदर छुपी हुई कला और क्रिएटिविटी को लोगों के सामने लाने का एक अच्छा माध्यम है। इसे व्यवसाय के क्षेत्र में देखा जाये तो फ़ोटोग्राफ़ी का इस्तेमाल किसी प्रोडक्ट तस्वीर शूटिंग के लिए किया जाता है ताकि उस प्रोडक्ट का मर्केटिंग अच्छे से किया जा सके।

स्ववित्तीय व्याख्याता अमितेश सोनकर ने कहा कि फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी के लिए प्रैक्टिकल करना बहुत ही महत्वपूर्ण जो कि आज कैमरा मैनुअल सेटिंग, आईएसओ, शटर स्पीड जैसे कई बरकियों के बारे में जानने को मिलेंगे।

स्पेशल ट्रेनर कैमरामैन नितिन ठाकुर ने कैमरा आईएसओ, शटर स्पीड, पोट्रेट फोटोग्राफी वीडियोग्राफी में लाइटिंग के महत्व, मैनुअल सेटिंग व आउटडोर शूटिंग की बरकियों के बारे में जानकारी दी। वहीं नितिन ने विद्यार्थियों को प्रैक्टिकली करते हुए बताया कि अपर्चर और स्पीड: मोबाइल में प्रोफेशनल कैमरे की तरह अपर्चर और स्पीड का भी ऑप्शन आने लगा है जिससे आप जैसा चाहे फोटो ले सकते हैं। यदि किसी का फोटो ले रहे हैं और वहां लाइट कम है तो आप अपर्चर और स्पीड को कम कर के अच्छा फोटो ले सकते हैं। अलग-अलग समय में अपर्चर और स्पीड का अहम रोल होता है। आगे प्रैक्टिकली करते हुए कंपोजीशन  के बारे में बताया कि फोटो लेते समय कंपोजीशन का ध्यान रखें। यानी जो फोटो आप ले रहे हैं उस सब्जेक्ट को सेंटर में या साइड में रखें, उससे उस फोटो की खूबसूरती और बढ़ जाएगी। फोटोग्राफी की भाषा में कहा जाए तो रूल ऑफ थर्ड का इस्तेमाल है।

आउटडोर फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी प्रशिक्षण में स्ववित्तीय व्याख्याता विभा सिंह, सेऊक दास की महत्वपूर्ण भूमिका रहीं। प्रशिक्षण कोर्स में पंजीकृत विद्यार्थी उपस्थित रहें।

By Amitesh Sonkar

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