राजनांदगांव। बीती रात घंटे भर हुई बारिश ने नगर निगम के सफाई अभियान की पोल खोल दी है। बसंतपुर राजीव नगर और जिला अस्पताल परिसर सहित निचली बस्तियां पानी से लबालब रही। नाली का गंदा पानी सड़कों पर बहने से स्थानीय लोगों और राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। गंदा पानी सड़कों पर फैलने से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है।
बारिश के सीजन में साल दर साल जलभराव का मसला गंभीर रूप लेता जा रहा है। इस समस्या का सबसे बड़ा कारण है नाला नालियों का बेतरतीब निर्माण। राजीव नगर से होकर गुजरे नाला का चौड़ाई अधिक और गहराई कम है ऐसे में थोड़ी देर की बारिश में ही नाला उफान पर आ जाता है। नालियों के बेतरतीब निर्माण में नगर निगम के इंजीनियरों के प्लान को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। इस समस्या से पूर्ण रूप से निजात नहीं मिल पाने का एक और कारण स्थानीय जनप्रतिनिधियों का बेसुध रवैया भी है।
वार्ड वासियों ने कहा रात भर हमें परेशानियों का सामना करना पड़ा
राजीव नगर इलाके में जलभराव से स्थानीय रहवासियों को रात भर काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। स्थानीय रहवासी व शिवसेना जिला उपाध्यक्ष मोहन सिन्हा, दुर्गेश कुमार, नरेश सारथी, राहुल समेत अन्य लोगों ने बताया कि हर साल बारिश में नाले का पानी उफन कर बस्ती में भर जाता है। नाले की सफाई नहीं होने के कारण सारा कचरा पानी के साथ इलाके में फैल जाता है। लगातार शिकायत करने के बावजूद वार्ड पार्षद द्वारा ध्यान नहीं दिया जाता। जलभराव ना हो इसलिए नाला की गहराई अधिक करने की जरूरत है।
टापू बना जिला अस्पताल, प्रवेश के दोनों रास्तों में भरा पानी
शुक्रवार रात हुई बारिश से बसंतपुर स्थित जिला अस्पताल टापू बन गया। अस्पताल में प्रवेश करने के दोनों मार्ग जलमग्न हो गए। ऐसे में मरीज के परिजनों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अस्पताल का ड्रेनेज सिस्टम फेल होने के कारण ओपीडी काउंटर, ऑपरेशन रिकवरी रूम समेत कई जगहों पर पानी भर गया। इससे भी काफी परेशानी हुई। अस्पताल में जलभराव समस्या का स्थाई निदान करने की आवश्यकता है।
कुछ ऐसी है शहर में नाला नालियों और सफाई कर्मचारियों की स्थिति
नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार शहर में नार कन्हैया नाला, निराली नाला, राजीव नगर, इंदिरा नगर, चिखली, शांति नगर, जीई रोड, गायत्री मंदिर से कलेक्ट्रेट, फुलवारी नाला मोतीपुर, बरबटी कुआ नाला और 18 एकड़ मिलाकर कुल 11 बड़े नाला है। लगभग 12 वर्ग किलोमीटर में बसे राजनांदगांव शहर में लगभग 100 किलोमीटर नाले की लंबाई है। जिन्हें बारिश के पूर्व ही नहीं बल्कि 12 महीने नियमित सफाई की आवश्यकता है। लेकिन इसकी सफाई की ओर ध्यान नहीं दिया जाता। सफाई कर्मचारियों की बात करें तो नगर निगम में 163 रेगुलर सफाई कर्मी है। इसके अलावा 18 मस्टर रोल कर्मी, 113 प्लेसमेंट और 304 ठेका सफाई कर्मी है। इसके बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। अफसर और जनप्रतिनिधि बिना कार्य के ही वाहवाही लूटने में लगे हुए हैं।


