राजनांदगांव। ऑनलाइन एग्जाम के पहले दिन कॉलेज के परीक्षार्थियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अव्यवस्थाओं को लेकर सबसे ज्यादा दिक्कत दिग्विजय कॉलेज में सामने आई। यहां काउंटर पर कम कर्मचारियों की तैनाती की वजह से परीक्षार्थियों को आंसर शीट जमा करने में घंटों लग गए। आंसर शीट जमा करने के लिए काफी लंबी लाइन भी परीक्षार्थियों को लगानी पड़ी। तय समय पर आंसर शीट जमा करने की जल्दबाजी में एक छात्रा हाईवे पर दुर्घटना का शिकार हो गई। इसके बावजूद वह घायल अवस्था में कॉलेज पहुंची और आंसर शीट जमा किया। करीब 10,000 महाविद्यालयीन परीक्षार्थियों का इकलौते सेंटर दिग्विजय कॉलेज की व्यवस्था कुछ ऐसी थी कि कई परीक्षार्थी काउंटर के सामने ही लाइन में लगे हुए एग्जाम देते नजर आए। पहले दिन ही इस तरह के अव्यवस्था को लेकर परीक्षार्थियों में कॉलेज प्रबंधन के प्रति काफी नाराजगी देखी गई।

जनभागीदारी सदस्य ऋषि शास्त्री ने प्राचार्य के साथ की बैठक
10,000 अमहाविद्यालय परीक्षार्थियों की सुविधा दुरुस्त करने जनभागीदारी सदस्य ऋषि शास्त्री एवं एनएसयूआई प्रदेश संयुक्त महासचिव राजा यादव ने प्राचार्य के साथ बैठक की। मुख्य बिंदुओं पर चर्चा कर उसे तत्काल पूरा किया गया:-1. प्रत्येक काउंटर में एक के बजाय 2 स्टाफ बैठाने की मांग की अब 22 काउंटर में 44 स्टाफ कार्य करेंगे।2. दूर अंचल से पहुंच रहे विद्यार्थियों की सुविधा के लिए बैठक व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्था प्रदान किया जावेगा।
3. यातायात बाधित ना हो जिसके लिए यातायात को महाविद्यालय के माध्यम से पत्र लिखा जाएगा साथ ही अतिरिक्त स्थान जो महाविद्यालय में हैं वहां पार्किंग की सुविधा बढ़ाई जावेगी महाविद्यालय के कर्मचारी भारतीय व्यवस्था पर नजर रखेंगे।
4. विद्यार्थी उत्तर पुस्तिका जमा करने के लिए पहुंचने पर अगर भीड़ बढ़ती है तो उन्हें वेटिंग कक्ष में स्थान प्रदान करते हुए काउंटर के माध्यम से वन बाई वन स्कीम के तहत आंसर शीट ली जावेगी।


