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फोटो- श्री श्याम परिवार मित्र मंडल के पदाधिकारी प्रेसवार्ता में फागुन महोत्सव की जानकारी देते हुए।

राजनांदगांव। खाटूवाले श्याम प्रभु के महत्वपूर्ण उत्सवों में फागुन महोत्सव का विशेष स्थान है। फागुन शुक्ल द्वादशी को अतुलित बलशाली तीन बाणधारी युवक बर्बरीक ने महाभारत के युद्ध के समय भगवान कृष्ण को अपने शीश का दान देकर उनसे श्याम नाम प्राप्त किया था। श्याम प्रभु कलयुग में हारे के सहारे के नाम से पूजे जाते है। राजस्थान के खाटु धाम में फागुन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से प्रारम्भ होने वाले उत्सव का मुख्य आकर्षण फागुन शुक्ल एकादशी तक भजन कीर्तन तथा द्वादशी को भंडारा प्रसादी के साथ पूर्ण होता है। इस दौरान होने वाले फागुन महोत्सव में देश विदेश से लाखों श्रद्धालु भक्त अपने अपने नगर ग्रामो से धर्म ध्वजा ( निशान ) लेकर अपनी श्रद्धा भक्ति के अनुरूप खाटु धाम से 17 किलोमीटर दूर रींगस ग्राम से भजन सत्संग करते हाथों में निशान लिए पैदल चलकर श्याम प्रभु के दरबार पहुंचकर निशान चढ़ाते है। रींगस से खाटु धाम तक पैदल चलने वाले यात्रियों की सेवा में अनेक श्रद्धालु भक्तो द्वारा पूरे मार्ग में कारपेट बिछाया जाता है तथा पैदल यात्रियों के लिए खान-पान, मिष्ठान, शीतल जल सहित मेवा पकवान की व्यवस्था की जाती है। पूरे ग्यारह दिनों तक देश के विख्यात श्याम भक्त भजन गायको द्वारा सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी जाती है । इन ग्यारह दिनों में देश भर के लगभग पचास लाख श्रद्धालु खाटूधाम पहुंचकर अपनी मनोकामना पूर्ण करते है। इसी फागुन माह के शुक्ल पक्ष में देश के कोने कोने में स्थापित श्याम मंदिरों एवम अन्य नगर- ग्रामों में निवासरत श्याम प्रेमी अपने शहर नगर में भजन सत्संग के माध्यम से फागुन महोत्सव का आयोजन करते है।  संस्कारधानी नगरी में भी पिछले 18 वर्षों से श्री श्याम परिवार मित्र मंडल द्वारा निशान यात्रा निकाली जा रही है तथा 26 वर्षो से तीन दिवसीय श्याम महोत्सव के अंतर्गत सुमधुर भजन सत्संग के कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

श्री श्याम परिवार मित्र मंडल के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस वर्ष फागुन महोत्सव के अवसर पर 3 मार्च को निशान लेकर 95 श्रद्धालु माता बहने एवम बंधु निशान लेकर खाटु श्याम जी को समर्पित करके श्री वृंदावन धाम की यात्रा कर 8 मार्च को वापस लौटे है। संस्कारधानी नगरी में फागुन शुक्ल दशमी से द्वादशी तक दिनांक 13 से 15 मार्च तक तीन दिवसीय फागुन महोत्सव के अंतर्गत भव्य भजन संध्या के साथ ही श्री श्याम ज्योति अखण्ड पाठ एवम भंडारा प्रसादी आयोजित है। श्री श्याम परिवार मित्र मंडल के अनुसार खाटू धाम ( उदयाचल प्रांगण में आयोजित फागुन महोत्सव के प्रथम दिवस 13 मार्च रविवार को रात्रि 7 बजे से अबोहर ( पंजाब ) के सुप्रसिद्ध श्याम सेवक मयंक अग्रवाल एवम कोलकाता की श्याम दीवानी स्वाति अग्रवाल अपने सुमधुर वाणी से भजन रूपी अमृत गंगा प्रवाहित करेगी। द्वितीय दिवस 14 मार्च को कोटा ( राजस्थान ) के श्याम सेवक अनुराग मित्तल एवम बैंगलोर की श्याम दीवानी प्रियंका गुप्ता के द्वारा श्याम प्रभु एवम फागुन के रंग रंगीले भजनों की फुहार से भक्तो को नृत्य करने बाध्य करेंगे। महोत्सव के तीनो दिन अलग – अलग स्वरूप में श्याम प्रभु का अदभुत श्रृंगार किया जायेगा। तीनो दिवस छप्पनभोग का प्रसाद लगाया जाएगा , दोनो दिन भजन के दौरान इत्र , केशर , गुलाब जल एवम फूलों की होली खेली जायेगी , रात्रि में जलपान प्रसादी व्यवस्था रहेगी । प्रतिदिन के श्रृंगार , छप्पनभोग , प्रसादी के यजमान बनाए गए है , 15 मार्च की महाप्रसादी के लिए सौ से अधिक भक्तो ने सवामनी प्रसादी के लिए सहयोग प्रदान किया है। भजन प्रारंभ होने के पूर्व श्याम प्रभु के भव्य दरबार के समक्ष अखंड ज्योति प्रज्वलित की जाएगी, जिसमे प्रत्येक भक्त माता बहने एवम बंधु आहुति दे सकेंगे। महोत्सव के तृतीय दिवस 15 मार्च को सुबह 8 बजे से श्री श्याम महिला मंडल एवम श्याम भक्तो द्वारा श्री श्याम अखंड ज्योति पाठ किया जावेगा , पाठ पूर्ण होने पर दोपहर 12:30 बजे महाआरती के पश्चात भंडारा प्रसादी होगी। आयोजन समिति ने अंचल के धर्मप्रेमी भक्त माता – बहनों एवम बंधुओं से तीनो दिवस के महोत्सव में सपरिवार पधारकर अमृत गंगा में स्नान कर धर्म लाभ प्राप्त करने का आग्रह किया है।

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