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बोड़ला के भंडार बांध से 10 साल से बह रहा पानी, मुख्य गेट खराब होने से जल संरक्षण पर उठे सवाल

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, बांध की तत्काल मरम्मत और पानी की बर्बादी रोकने की मांग

कवर्धा।। एक ओर शासन-प्रशासन जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रहा है, वहीं दूसरी ओर कबीरधाम जिले के बोड़ला क्षेत्र में स्थित भंडार बांध से लगातार पानी बहने की समस्या सामने आई है। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के जिलाध्यक्ष सुनील केशरवानी ने इस मामले को गंभीर बताते हुए जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने कलेक्टर कबीरधाम को ज्ञापन सौंपकर बांध के मुख्य गेट की तकनीकी जांच कराने, उसकी तत्काल मरम्मत करने और लगातार हो रही पानी की बर्बादी रोकने की मांग की है।

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, भंडार बांध का मुख्य गेट पिछले लगभग 10 वर्षों से खराब बताया जा रहा है। इसके कारण बांध में एकत्रित पानी लगातार बाहर बह रहा है। संगठन का कहना है कि इस समस्या के समाधान के लिए अब तक प्रभावी कदम नहीं उठाए जाने से जल संरक्षण को लेकर चिंता बढ़ गई है।

गर्मी में पूरी तरह सूख जाता है बांध, वन्यजीवों के सामने भी संकट

सुनील केशरवानी ने बताया कि भंडार बांध केवल पानी संग्रह करने का माध्यम नहीं है, बल्कि आसपास के प्राकृतिक पर्यावरण और वन्यजीवों के लिए भी महत्वपूर्ण है। बांध के आसपास स्थित जंगलों में रहने वाले वन्यजीव, पक्षी और अन्य जीव-जंतु इस जलस्रोत का उपयोग करते हैं।

उन्होंने कहा कि गर्मी का मौसम आते-आते यह बांध पूरी तरह सूख जाता है। ऐसे में यदि वर्तमान में उपलब्ध पानी का उचित संरक्षण नहीं किया गया और लगातार हो रहे बहाव को नहीं रोका गया, तो आने वाले दिनों में जल संकट की स्थिति और गंभीर हो सकती है।

उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि जब बांध के मुख्य गेट की खराबी के कारण पानी लगातार बह रहा है, तो इसकी मरम्मत के लिए अब तक स्थायी व्यवस्था क्यों नहीं की गई? समय रहते इस समस्या का समाधान किया जाता, तो पानी को लंबे समय तक संरक्षित रखने में मदद मिल सकती थी।

जल संरक्षण के दावों के बीच पानी की बर्बादी रोकना जरूरी

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के जिलाध्यक्ष ने कहा कि आज जल संरक्षण की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। भूजल स्तर में गिरावट, अनियमित वर्षा और गर्मी के दिनों में जलस्रोतों के सूखने जैसी परिस्थितियां पानी बचाने की जरूरत को और महत्वपूर्ण बनाती हैं।

ऐसे समय में किसी बांध से लगातार पानी बहते रहना चिंता का विषय है। बांध के मुख्य गेट की तकनीकी स्थिति की जांच कराकर आवश्यक मरम्मत की जाए, ताकि उपलब्ध जल का समुचित उपयोग हो सके और भविष्य के लिए पानी बचाया जा सके।

उन्होंने कहा कि जलस्रोतों का संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा विषय है। प्रशासन को इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।

जंगल के जीव-जंतुओं के लिए भी महत्वपूर्ण है बांध

ज्ञापन में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि भंडार बांध का महत्व केवल स्थानीय जल संग्रह तक सीमित नहीं है। आसपास के जंगलों में विचरण करने वाले वन्यजीवों और पक्षियों के लिए भी यह पानी का महत्वपूर्ण स्रोत है।

गर्मी के मौसम में जब जंगलों के प्राकृतिक जलस्रोत सूखने लगते हैं, तब बांध में उपलब्ध पानी वन्यजीवों की प्यास बुझाने में सहायक हो सकता है। यदि पानी का संरक्षण नहीं किया गया, तो इसका असर आसपास के प्राकृतिक पर्यावरण और जीव-जंतुओं पर भी पड़ सकता है।

संगठन ने मांग की है कि जल संसाधन विभाग और संबंधित अधिकारियों को इस विषय में आवश्यक निर्देश दिए जाएं, ताकि बांध में पानी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए प्रभावी योजना तैयार की जा सके।

जनता कांग्रेस ने रखीं छह प्रमुख मांगें

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे), जिला कबीरधाम ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में निम्नलिखित मांगें रखी हैं—

1. पानी के बहाव का निरीक्षण: भंडार बांध से लगातार हो रहे पानी के बहाव की तत्काल जांच कराई जाए और अनावश्यक बहाव रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।

2. मुख्य गेट की मरम्मत: बांध के मुख्य गेट की तकनीकी जांच कराकर उसकी शीघ्र मरम्मत कराई जाए, ताकि पानी का उचित प्रबंधन सुनिश्चित हो सके।

3. संबंधित विभाग को निर्देश: जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को बांध में उपलब्ध पानी के संरक्षण और समुचित प्रबंधन के लिए निर्देशित किया जाए।

4. स्थायी जल संरक्षण योजना: गर्मी में बांध के पूरी तरह सूखने की स्थिति को ध्यान में रखते हुए पानी को लंबे समय तक संरक्षित रखने की योजना बनाई जाए।

5. वन्यजीवों के लिए पानी की व्यवस्था: आसपास के जंगलों में रहने वाले वन्यजीवों और पक्षियों की पेयजल आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए बांध में पर्याप्त पानी उपलब्ध रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।

6. कार्रवाई की जानकारी: मामले में की गई जांच, मरम्मत और अन्य कार्रवाई की जानकारी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे), जिला कबीरधाम को उपलब्ध कराई जाए।

समय रहते कार्रवाई की मांग

सुनील केशरवानी ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले को प्राथमिकता देते हुए संबंधित विभाग से स्थल निरीक्षण कराया जाए और बांध के मुख्य गेट की खराबी दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि पानी का संरक्षण आज की जरूरत है। यदि समय रहते उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो गर्मी के दिनों में बांध के सूखने से उपलब्ध जलस्रोत का लाभ नहीं मिल पाएगा।

उन्होंने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि भंडार बांध की समस्या को गंभीरता से लेते हुए पानी की बर्बादी रोकने और प्राकृतिक जलस्रोत को सुरक्षित रखने के लिए जल्द कार्रवाई की जाएगी।

ज्ञापन सौंपने के दौरान जगदीश बंजारे, आफताब राजा, रुपेश यादव, रफीक खान, मोती टेकाम, रमन कोशले, दिलेश्वर टोंड्रे सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) की मांग है कि भंडार बांध के मुख्य गेट की मरम्मत कर पानी के अनावश्यक बहाव को रोका जाए, ताकि गर्मी के दिनों में जल संकट कम करने के साथ-साथ आसपास के वन्यजीवों के लिए भी जल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

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