एक्स रिपोर्टर न्यूज़ । राजनांदगांव
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में सरकारी संरक्षण में चल रहे अवैध वसूली और ओवररेटिंग के काले खेल का एक बेहद शर्मनाक और सनसनीखेज खुलासा हुआ है। आबकारी विभाग की नाक के नीचे चल रहे इस घोटाले पर अब रायपुर मुख्यालय से बड़ी गाज गिरी है। शराब दुकानों में तय कीमत से ज्यादा दाम पर शराब बेचने और खुलेआम जनता को लूटने के मामले में आबकारी आयुक्त ने कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला आबकारी अधिकारी राजेश शर्मा और सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्रीमती कुसुमलता जोल्हे को “कारण बताओ नोटिस” (शो-कॉज नोटिस) थमा दिया है। वहीं, इस पूरे भ्रष्टाचार को मूकदर्शक बनकर देखने वाले आबकारी उप निरीक्षक दिलीप कुमार प्रजापति को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है।
सरकारी रेट से अधिक दाम पर बेच रहे थे शराब
विभागीय जांच रिपोर्ट के अनुसार, संभागीय उड़नदस्ता दुर्ग की टीम ने 2 जुलाई 2026 को राजनांदगांव की दो बड़ी कंपोजिट मदिरा दुकानों पर अचानक छापा मारा। इस दौरान जो हकीकत सामने आई, उसने आबकारी विभाग के दावों की धज्जियां उड़ाकर रख दीं। इस दुकान पर जब जांच कराई गई, तो पता चला कि शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक दाम पर शराब बेची जा रही थी।
बड़े अफसरों की ‘शिथिलता और लापरवाही’ पर तीखा प्रहार
आबकारी आयुक्त द्वारा जारी नोटिस में साफ और कड़े शब्दों में कहा गया है कि यह पूरा खेल राजनांदगांव के वरिष्ठ आबकारी अधिकारियों के “शिथिल नियंत्रण, कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही और उदासीनता” का जीता-जागता सबूत है। जब कनिष्ठ कर्मचारी जनता की जेब पर डाका डाल रहे थे, तब जिला आबकारी अधिकारी राजेश शर्मा और सहायक अधिकारी कुसुमलता जोल्हे एसी कमरों में बैठकर आंखें मूंदे रहे।
नोटिस में चेतावनी दी गई है कि अधिकारियों का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 के उपनियमों का खुला उल्लंघन है, जो कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 10 के तहत गंभीर रूप से दंडनीय है।
07 दिनों में मांगा जवाब, वरना होगी एकतरफा कार्रवाई
मुख्यालय ने इस पूरे सिंडिकेट पर तीखा प्रहार करते हुए कुसुमलता जोल्हे और राजेश शर्मा को पत्र प्राप्ति के 7 दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का अंतिम अल्टीमेटम दिया है। यदि तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो विभाग इनके खिलाफ एकपक्षीय दंडात्मक कार्रवाई करेगा। राजनांदगांव की जनता अब सवाल उठा रही है कि क्या इन बड़े चेहरों पर सिर्फ कागजी नोटिस थमाकर खानापूर्ति की जाएगी, या ठोस कार्रवाई की जाएगी
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