एक्स रिपोर्टर न्यूज़ | राजनांदगांव
छत्तीसगढ़ शासन के आबकारी विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने और प्राप्त शिकायतों पर कड़ा रुख अपनाते हुए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। आबकारी आयुक्त कार्यालय, छत्तीसगढ़ द्वारा जारी इस ताज़ा आदेश के तहत राजनांदगांव जिले में लंबे समय से पदस्थ मुख्य लिपिक (Head Clerk) रामसिंह पाटिल को उनके वर्तमान पद से हटाकर दूसरी जगह संबद्ध (Attach) कर दिया गया है।
शिकायतों के आधार पर लिया गया निर्णय
आधिकारिक पत्र (दिनांक 23 अप्रैल, 2026) के अनुसार, श्री रामसिंह पाटिल, जो कि कार्यालय सहायक आयुक्त आबकारी, जिला राजनांदगांव में मुख्य लिपिक के पद पर कार्यरत थे, उनके विरुद्ध विभाग को कई गंभीर शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इन शिकायतों को दृष्टिगत रखते हुए और प्रशासनिक कार्य की सुविधा को बनाए रखने के उद्देश्य से उच्च अधिकारियों ने उनके वर्तमान पदस्थापन में बदलाव का निर्णय लिया है। इधर वायरल आडियो मामले में लिखित शिकायत कर मुख्य लिपिक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
दुर्ग संभागीय उड़नदस्ता में नई जिम्मेदारी
जारी आदेश के मुताबिक, रामसिंह पाटिल को आगामी आदेश तक ‘कार्यालय उपायुक्त आबकारी, संभागीय उड़नदस्ता (Flying Squad), दुर्ग संभाग’ में संलग्न किया गया है। विभाग का मानना है कि इस कदम से राजनांदगांव कार्यालय के प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता आएगी और जांच प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी।
तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश
आबकारी आयुक्त द्वारा निर्देशित इस पत्र पर अपर आयुक्त आबकारी के हस्ताक्षर हैं। आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि यह स्थानांतरण/संलग्नीकरण तत्काल प्रभाव से लागू होगा। इसका अर्थ है कि श्री पाटिल को तुरंत राजनांदगांव का प्रभार छोड़कर दुर्ग संभाग के उड़नदस्ते में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।
प्रशासनिक हलकों में चर्चा
आबकारी विभाग की इस त्वरित कार्रवाई ने अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच एक कड़ा संदेश भेजा है। सूत्रों का कहना है कि विभाग भ्रष्टाचार और कार्य में लापरवाही को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना रहा है। मुख्य लिपिक जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठे व्यक्ति के विरुद्ध इस तरह की कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि प्राप्त शिकायतों की गहराई से जांच की जा रही है।
क्या है ‘संलग्नीकरण’ (Attachment) के मायने?
प्रशासनिक शब्दावली में संलग्नीकरण का अर्थ अक्सर यह होता है कि संबंधित कर्मचारी को उसके मूल पद की शक्तियों से दूर कर किसी अन्य कार्यालय में ‘अटैच’ कर दिया गया है। आमतौर पर ऐसा तब किया जाता है जब किसी कर्मचारी के विरुद्ध जांच लंबित हो या प्रशासनिक दृष्टिकोण से उसका उस विशेष स्थान पर बने रहना उचित न हो।
राजनांदगांव आबकारी विभाग अब नए मुख्य लिपिक की नियुक्ति या कार्यभार सौंपने की प्रक्रिया में है ताकि जिले का राजस्व संग्रहण और लाइसेंसिंग संबंधी कार्य बाधित न हो।
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