IMG-20241026-WA0010
IMG-20241026-WA0010
previous arrow
next arrow

*12 लाख के चेकडेम निर्माण में गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग, ग्रामीणों ने लगाया आरोप*

कवर्धा XReporter News।। जिले के कवर्धा जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत – गेगड़ा में लोचन रोड पुलिया के पास लगभग 12 लाख रुपये की लागत से 12 मीटर का चेकडेम निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य में भारी अनियमितता और गुणवत्ताहीन सामग्री उपयोग किए जाने के आरोप ग्रामीणों ने लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कार्यस्थल पर मनरेगा नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।


ग्रामीणों के अनुसार निर्माण कार्य शुरू करने से पहले उपयोग होने वाली सामग्री की गुणवत्ता जांच कराना आवश्यक होता है, लेकिन यहां बिना किसी जांच के ही निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण में अलग-अलग प्रकार की सीमेंट का उपयोग किया जा रहा है, जिनकी कीमत भी अलग-अलग होती है। उनका कहना है कि कार्यस्थल पर रखी गई सामग्री को देखकर ही स्पष्ट प्रतीत होता है कि एक ही निर्माण कार्य में कई प्रकार की सीमेंट उपयोग की जा रही है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।


ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण में उपयोग की जा रही गिट्टी का भी कोई स्पष्ट मापदंड नजर नहीं आ रहा है। उनका कहना है कि बेस में कितने एमएम की गिट्टी डाली जानी चाहिए, मुख्य ढांचे में कितनी गिट्टी का उपयोग होना चाहिए और मसाला किस अनुपात में तैयार किया जाना चाहिए, इसका कोई पालन कार्यस्थल पर नहीं दिखाई देता। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना तकनीकी मानकों का पालन किए निर्माण कार्य किया जा रहा है।

ग्रामीणों के मुताबिक निर्माण में उपयोग हो रही रेत, गिट्टी और सीमेंट की गुणवत्ता भी संदेह के घेरे में है। उनका कहना है कि यदि सामग्री का तकनीकी परीक्षण कराया जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। इसके बावजूद संबंधित अधिकारी अब तक कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि आखिर गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य करने वालों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। उनका कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद यदि अधिकारियों द्वारा जांच नहीं की जाती, तो इससे भ्रष्टाचार और लापरवाही को बढ़ावा मिलता है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि मनरेगा के अधिकांश कार्यों में मशीनों का उपयोग किया जाता है, जबकि योजना में मजदूरों को रोजगार देने का प्रावधान है। इसके बावजूद यदि मशीनों से कार्य कराया जा रहा है और उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं होती, तो यह मनरेगा नियमों की खुली अवहेलना है।

error: Content is protected !!