*कमल दास मुरचले प्रदेश अध्यक्ष संयुक्त प्रधान पाठक कल्याण संघ छत्तीसगढ़ ने सीधा प्रशासनिक अधिकारियों के ऊपर साधा निशाना*
कवर्धा। मध्यान्ह भोजन रसोईया संघ के अनिश्चित कालीन आंदोलन के दौरान हुई हमारी दो रसोइया बहनों की मौत कई गंभीर सवालों को जन्म देती हैं और हमारे राज्य की प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करने को काफी हैंl शासन और संघटन के बीच की मुख्य कड़ी प्रशासनिक अधिकारी होते हैं पर जब ये लोग ही लापरवाह और गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाने लगे तो एसी भयावाह घटनाक्रम क्रम होना तय है जिसका ताजा उदाहरण हमारी दो दो हड़ताली रसोइया बहनें अपनी जान गवा कर दिए हैंl इस प्रशासनिक लापरवाही की जांच सरकार के द्वारा करवाना चाहिए और जो भी लापरवाह अधिकारी शासन की छबि धूमिल करने में लगे हैं उन्हें चिन्हित कर दण्डित करे और हमारे रसोईया बहनो के परिवारजनों को शासकीय नौकरी और पचास लाख मुआवजा प्रदान करे।
आंदोलन के दौरान अगर कोई भी वारदात होती है तो सभी को संवैधानिक रूप से उपचार का अधिकार है इलाज में हुई देरी एवं शासन प्रशासन के द्वारा इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया जाना इस कारण से दो रसोईया बहनों की मौत हुई है हमारा संघटन संयुक्त प्रधान पाठक कल्याण संघ की ओर से आंदोलन में मृत बहनों को सादर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मांग करते हैं कि एसी घटना की पुनरावृत्ति न हो और उचित न्याय मिले l
मध्यान्ह भोजन रसोइया संघ की मांग जायज है और हमारा संघटन पहने ही शासन प्रशासन को इस ओर ध्यान आकर्षित कराया गया था।


