छत्तीसगढ़ महतारी के साथ भाजपा कर रही भेदभाव व अन्याय: चोवाराम साहू
देश के दूसरे भाजपा व गैर भाजपा शासित राज्यों की तुलना में महतारी वंदन योजना की राशि काफी कम
समान नागरिक संहिता लागू करने का दम भरने वाली भाजपा सरकार आखिर क्यों कर रही महतारियों के साथ भेदभाव?
कवर्धा। संविधान के आर्टिकल 14 से लेकर आर्टिकल 18 तक में देश के सभी नागरिकों को समता यानी समानता का मौलिक अधिकार देने की बात कही गई है। भारतीय संविधान में सभी नागरिकों को बिना किसी भेदभाव के मौलिक अधिकार दिए गए हैं। आर्टिकल 15 के नियम 1 के तहत राज्य किसी भी नागरिक के साथ जाति, धर्म, लिंग, जन्म स्थान और वंश के आधार पर भेदभाव नहीं कर सकता। वहीं भारतीय जनता पार्टी की मौजूदा मोदी सरकार तो अब यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) यानि समान नागरिक संहिता लागू करने की भी बात कर रही है। लेकिन दुर्भाग्य का विषय है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार छत्तीसगढ़ में योजना का लाभ देने में प्रदेश की महतारियों के साथ खुलकर भेदभाव कर रही है। यां यूं कहें की छत्तीसगढ़ महतारियों के साथ अन्याय किया जा रहा है। जिसकी बानगी छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार द्वारा अपनी चुनावी घोषणा के तहत संचालित महतारी वंदन योजना में साफ देखी जा सकती है। भाजपा सरकार पर यह गंभीर आरोप लगाते हुए कवर्धा कृषि उपज मण्डी के पूर्व उपाध्यक्ष चोवाराम साहू ने कहा कि वर्तमान में प्राय: सभी भाजपा शासित राज्यों सहित कुछ गैर भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं को हर माह आर्थिक लाभ देने अलग-अलग नामों से योजनाएं संचालित की जा रही है। विधानसभा चुनाव के दौरान छत्तीसगढ़ में भी भाजपा ने महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक लाभ देने की बात करते हुए महतारी वंदन योजना का ऐलान किया था। इस योजना की घोषणा के बाद भाजपा को महिलाओं का जबरदस्त समर्थन भी मिला था और भाजपा ने यहां अपनी सरकार भी बना ली। श्री साहू ने कहा कि ऐसा नहीं है कि भाजपा ने सरकार बनने के बाद अपनी घोषणा पूरी नहीं की। घोषणा के मुताबिक भाजपा सरकार हर महिने छत्तीसगढ़ महतारियों को 1000 रूपए की राशि उनके बैंक खातों के माध्यम से दे रही है। लेकिन यह राशि देश के दूसरे भाजपा शासित राज्यों के साथ ही गैर भाजपा शासित राज्यों की तुलना में सबसे कम है। जो निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ की महतारियों के साथ भेदभाव और अन्याय है। कवर्धा के पूर्व मण्डी उपाध्यक्ष चोवाराम साहू ने आंकड़े जारी करते हुए बताया कि भाजपा शासित मध्यप्रदेश में लाड़ली बहना योजना के माध्यम से महिलाओं को 1250 रूपए की राशि दी जा रही है। भाजपा शासित महाराष्ट्र में सरकार द्वारा माझी लाड़की बहिन योजना के तहत महिलाओं को 1500 रूपए की राशि हर महिने दिए जा रहे हैं। भाजपा शासित असम राज्य में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने 1250 रूपए की राशि हर महिने दी जा रही है। इसी प्रकार दिल्ली में भाजपा की नवनिर्वाचित भाजपा सरकार ने महिलाओं को 2500 रूपए प्रतिमाह, महिला समृद्धि योजना के तहत दिए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। श्री साहू ने यह भी बताया कि गैर भाजपा शासित राज्यों की बात की जाए तो कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार महिलाओं को गृह लक्ष्मी योजना के तहत 2000 रूपए, झारखण्ड में सोरेन सरकार मंईया सम्मान योजना के तहत 2500 रूपए तथा पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार लक्ष्मी भण्डार योजना के तहत महिलाओं को 1200 रूपए की राशि हर महिने दे रही दी जा रही है। लेकिन छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार महतारियों को सिर्फ 1000 रूपए की राशि दे रही है जो यहां की महतारियों के साथ भेदभाव व अन्याय है। कवर्धा कृषि उपज मण्डी के पूर्व उपाध्यक्ष चोवाराम साहू ने प्रदेश की भाजपा सरकार से महिलाओं को दी जाने वाली महतारी वंदन योजना की राशि बढ़ाए जाने की मांग की है।
लगातार कम हो रही महतारी वंदन योजना की लाभार्थियों की संख्या
चोवाराम साहू ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने जिस ढंग से महतारी वंदन योजना का तानाबाना बुना है और नियम कायदे बनाए है उसके चलते लगतार महतारी वंदन योजना में लाभार्थी महतारियों की संख्या कम हो रही है। श्री साहू ने बताया कि सरकार ने इस योजना की पात्रता निर्धारित करते हुए महिलाओं का एक तो विवाहित होना अनिवार्य कर रखा और दूसरा अधिकतम आयु 60 वर्ष निर्धारित की है। फिर इस योजनाओं के लिए अभी तक सिर्फ करीब डेढ़ वर्ष पूर्व एक बार ही पंजीयन हुआ है। जबकि इस डेढ़ वर्ष के दौरान हजारों की संख्या में नई विवाहित महिलाएं योजना के लाभ से वंचित हैं।


