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लाला कर्णकान्त श्रीवास्तव

एक्स रिपोर्टर न्यूज़ । राजनांदगांव

लोकसभा चुनाव मतदान की तारीख नजदीक आते ही राजनीतिक पार्टियों ने दांव पेंच लगाना शुरू कर दिया है। महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक विकास जैसे गंभीर मुद्दों को दरकिनार कर फिर एक बार मुफ्त की रेवड़ी बांटने की घोषणा कर मतदाताओं को रिझाया जा रहा है। इस दौड़ में कांग्रेस अन्य राजनीतिक दलों को पीछे छोड़ आगे निकल आई है। भारतीय जनता पार्टी के महतारी वंदन योजना की तरह कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव जीतने के लिए “महालक्ष्मी नारी न्याय योजना” के तहत नकद रुपए देने की घोषणा की है। इस योजना के तहत साल में 12 हजार रुपए नहीं बल्कि पूरे एक लाख रुपए गरीब परिवार की महिलाओं को दिया जाएगा। बात घोषणा तक थी, तब तक तो ठीक था, लेकिन बात इससे आगे निकालकर फार्म भरवाने तक पहुँच चुकी है। जी हां… आदर्श आचार संहिता के बीच नियम विरुद्ध तरीके से कांग्रेसी घर-घर जाकर महिलाओं से महालक्ष्मी नारी न्याय योजना का फॉर्म भरवा रहे हैं और मतदाताओं को यह भरोसा दिलाया जा रहा है कि कांग्रेस के चुनाव जीतते ही महिलाओं को एक लाख रुपए सालाना के हिसाब से राशि मिलने लगेगी। नियमों के तहत इसे प्रलोभन माना जाएगा। हालांकि कांग्रेसी इसे प्रचार का नया तरीका बता रहें है।

रिपीट हुआ सीन, अब विरोध करने वाले खुद कटघरे में

यह सीन आपको कुछ जाना पहचाना और रिपीट सा लग रहा होगा, जी बिल्कुल है। बीते दिसंबर 2023 में छत्तीसगढ़ में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा महिलाओं से महतारी वंदन योजना का फॉर्म भरवाया गया था और इसका विरोध किया था कांग्रेस ने। उस दौरान भी आचार संहिता के नियमों का हवाला दिया गया था। और आज विरोध करने वाली कांग्रेस पार्टी लोकसभा चुनाव जीतने के लिए वही हथकंडा अपना कर खुद कटघरे में खड़े हो चुकी है।

राजनांदगांव हाई प्रोफाइल सीट, इसलिए यहां जोर ज्यादा

कांग्रेस द्वारा योजना का फार्म भरवाने का मामला सबसे पहले राजनांदगांव से ही सामने आया है। क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और सांसद संतोष पांडे यहां से चुनाव लड़ रहे हैं। इसलिए राजनांदगांव को हाई प्रोफाइल सीट माना जा रहा है। राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के 8 में से पांच विधानसभा कांग्रेस के कब्जे में है। इसके बावजूद कांग्रेस प्रत्याशी व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को जीत दिलाना कांग्रेसियों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है! क्या यही वजह है कि कांग्रेसी आचार संहिता के नियमों का उल्लंघन करते हुए फार्म भरवाने निकल पड़े। या फिर कोई दूसरी वजह है?

शहरी इलाकों में वार्ड वार जिम्मेदारी तय, 1 दिन में 500 पर्चे भरने का रिकॉर्ड

महालक्ष्मी नारी न्याय योजना का फार्म भरवाने के लिए शहर और जिले के वरिष्ठ कांग्रेसियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पता चला है कि शहरी क्षेत्र में वार्डवार कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। आला कमान का आदेश मानकर कार्यकर्ता भी जोरो से काम कर रहे है। राजनांदगांव शहरी इलाके में एक दिन में 500 पर्चे भरने का रिकॉर्ड भी कायम हो चुका है। सूत्रों की माने तो आने वाले दिनों में और भी ज्यादा संख्या फार्म भरवाया जाएगा।

राजीव नगर इलाके में मचा हल्ला, अफसर ने दी दबिश पर कार्रवाई शून्य

शहर के राजीव नगर इलाके से सबसे पहले फार्म भरवाने की जानकारी हम तक पहुंची। कांग्रेसियों द्वारा महिलाओं से योजना का फार्म भरवाने के कार्य का बाकायदा फोटो और वीडियो भी तैयार किया गया है। जिसे सोशल मीडिया में वायरल कर दिया गया है। स्थानीय निवासी व भाजपा नेता मोहन सिन्हा ने बताया कि वार्ड में कुछ कांग्रेसी महिलाओं से फार्म भरवाकर सालाना एक लाख रुपए देने का दावा कर रहे हैं। जो कि गलत है। कुछ लोगों ने मामले की शिकायत की थी, इसके बाद जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। लेकिन कार्रवाई नहीं की गई, जबकि निर्वाचन आयोग को तत्काल इस मामले को संज्ञान में लेना चाहिए। एक कांग्रेसी नेता ने नाम ना बताने की शर्त पर बताया कि हाई कमान से सभी कार्यकर्ताओं को फार्म भरवाने का आदेश दिया गया है। वार्ड वार जिम्मेदारी तय कर तेजी से फॉर्म भरवाया जा रहा है।

विधानसभा चुनाव के दौरान की गई थी कार्रवाई, थमाया था नोटिस

गौरतलब है कि बीते विधानसभा चुनाव के दौरान प्रचार के बहाने महिलाओं को महतारी वंदन योजना का फार्म भराए जाने के मामले में बिलासपुर के रिटर्निंग आफिसर ने भाजपा के पदाधिकारियों व वार्ड पार्षद को नोटिस जारी किया था। रिटर्निंग ऑफिसर ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा था। इसी तरह बालोद में भी नोटिस जारी कर धारा 123 (2 ) के तहत उक्त कृत्य को प्रलोभन करार दिया था। और अंत में… मामला गंभीर है। आगे देखना होगा कि चुनाव आयोग इस मामले में क्या कार्रवाई करती है?

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