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एक्स रिपोर्टर न्यूज । राजनांदगांव

जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सेफ्टी रामभरोसे चल रही है। क्योंकि फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट के अफसर लकीर के फकीर बन सिर्फ नमूने (सैंपल) लेने तक ही सीमित रह गए है। जबकि शहर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में संचालित फैक्ट्रियों में बेधड़क और खुलेआम मिलावटी खाद्य पदार्थो का निर्माण किया जा रहा है। ऐसे गुणवत्ताहीन खाद्य पदार्थों का विक्रय और सेवन मानव स्वास्थ के लिए खतरा साबित हो सकता है।
जिले में फूड आइटम बनाने वाली दर्जनों फैक्ट्रियां संचालित है। लेकिन इन फैक्ट्रियों में किस तरह फूड प्रोडक्ट का निर्माण किया जा रहा है, यह जानने के लिए किसी को फूर्सत ही नहीं है। सरकार की ओर से ऐसे मामलों के निराकरण के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग यानी फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट बनाया गया है, लेकिन यहां के अफसर दफ्तर तक ही सिमटकर रह गए है। सीधे कहे तो एफएसओ केवल हाजिरी भरने के लिए काम कर रहे है। राजनांदगांव फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट यह बता पाने में नाकाम रहा है कि उन्होंने बीते महीनों में कितने फैक्ट्रियों में छापामार कार्रवाई की और सैंपल कलेक्ट किए। अफसरों के इसी सुस्त रवैये का फायदा फैक्ट्री संचालक उठा रहे है और बिना किसी भय के मिलावटी खाद्य पदार्थों का निर्माण कर रहें हैं।

सिर्फ त्योहार में लेते है सैंपल
फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट के अफसर सिर्फ त्योहार में नींद से जागते है। होली, रक्षाबंधन और दिवाली के मौके पर अफसर बाजार में घुमकर मिठाई और नमकीन का सैंपल एकत्र कर लेते है। इसके बाद इनकी कार्रवाई पूरी हो जाती है। जब तक सैंपल की रिपोर्ट आती है तब तक मिलावटी मिठाईयों को खरीदकर लोग पचा चुके होते है। बता दें कि महंगाई के इस दौर में अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में मिलावटी खाद्य वस्तुओं का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। इस पर अंकुश लगाने के लिए फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट पूरी तरह नाकाम नजर आ रहा है।

बच्चों के लिए बनाए जा रहे सर्वाधिक प्रोडक्ट
गौरतलब है कि शहर सहित जिलेभर में संचालित फैक्ट्रियों में विशेषकर बच्चों के लिए फूड आइटम तैयार किए जा रहे है। इसमें नमकीन के सभी तरह के प्रोडक्ट शामिल है। इन प्रोडक्ट को बनाने के लिए कौन से अनाज या रॉ मटेरियल का उपयोग किया जा रहा है, किस दर पर मिश्रण तैयार किया जा रहा है, कहीं हानिकारक वस्तुएं का इस्तेमाल तो नहीं किया जा रहा है, यह जानना बेहद जरुरी है। लेकिन यहां परवाह किसे है? मसला गंभीर है इस ओर विशेष ध्यान देने की जरुरत है।

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