Nature reporter: हिल स्टेशन की याद ताजा कर देता है छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश बॉर्डर पर स्थित ‘हनुमत खोल’, यहाँ पहाड़ों के किनारों को काटकर बनाई गई है सपाट सड़क, प्राचीन धार्मिक मान्यताएं भी है प्रचलित, अद्भुत नजारे का लुत्फ उठा चुके सैलानियों ने इस जगह को माना बेतालरानी घाटी का छोटा स्वरूप..
कुई से महादेव सोनी की खास रिपोर्ट:-
कवर्धा। यदि आप प्रकृति प्रेमी है और आपको घूमने का शौक है तो हम आपकों ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे है। जहाँ का अद्भुत नजारा हिल स्टेशन की याद ताजा कर देगा। यह जगह है हनुमत खोल। छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश बॉर्डर पर स्थित यह जगह वाकई रोमांचकारी है। कवर्धा से पंडरिया, फिर बजाक एमपी रास्ता कुकदूर से 12 किलोमीटर ऊपर पहाड़ इलाके में है “हनुमत खोल”। इस जगह को भगवान हनुमान का खोल कहा जाता है। पहाड़ के किनारे को काटकर रास्ता बनाया गया है। इस मार्ग से लोग इलाहाबाद, कटनी,अमरकंटक, शहडोल ,लखनऊ, बनारस,डिंडोरी, जबलपुर जाते है। इस अद्भुत नजारे का आनंद लेने सैकड़ो लोग जा रहे है। इस जगह को छुईखदान के बेतालरानी घाटी के छोटा स्वरूप में देखा जा रहा है।
धार्मिक मान्यता:-
वर्षों पहले इस जगह में प्राचीन कालीन भगवान हनुमान जी की मूर्ति मिली थी। तब सड़क का निर्माण नहीं हुआ था। उस समय पैदल यात्रा करने वाले लोग यहां नारियल फोड़ते थे और पूजा करते थे। यहाँ पहाड़ से हमेशा पानी गिरता रहता है। मान्यता है कि इस जगह पर शराब या मास मटन का सेवन वर्जित है। पहाड़ के बीचों बीच गोल आकार का कुंड है जिसको हनुमत खोल कहा जाता है।


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