राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ श्री वैष्णव महासभा के कार्यालय सचिव हलधर दास वैष्णव एवं राजा वैष्णव ने संयुक्त विज्ञप्ति कर बताया कि, छत्तीसगढ़ श्री वैष्णव महासभा के प्रदेश सलाहकार देव कुमार निर्वाणी ने जानकारी दी की रानी सूर्यमुखी देवी संपदा ट्रस्ट में स्वाभाविक रूप से समाज का अध्यक्ष पद पर हक बनता है। छत्तीसगढ़ श्री वैष्णव महासभा विगत कई वर्षों से रानीसूर्यमुखी देवी राजगामी संपदा ट्रस्ट में अध्यक्ष पद पर समाज का ही हो ऐसा मांग करते आ रहा है किन्तु शासन में बैठे हुए लोग वैष्णव समाज के प्रति उपेक्षाभाव रखते है यह ठीक नही है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अथक प्रयासों से २००३ में अजीत जोगी के शासन काल में छत्तीसगढ़ श्री वैष्णव महासभा का निर्वाचित अध्यक्ष ही रानीसूर्यमुखी देवी संपदा ट्रस्ट में पदेन सदस्य होगा। ऐसा राजपत्र में प्रकाशित कर समाज को प्रतिलिपि दिया गया था। जिसके अनुसार छत्तीसगढ़ श्री वैष्णव महासभा का निर्वाचित अध्यक्ष ही राजगामी संपदा में सदस्य के रूप में मनोनित किया जाता रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ही कार्यकाल में ही छत्तीसगढ़ श्री वैष्णव महासभा को भवन बनाने हेतु भूमि आबंटित किया गया है। समाज को एकजुट होकर अपने दिशा तय करनी होगी। समाज में कही मतभेद नही है समाज के हर व्यक्ति (सदस्य) को अध्यक्ष पद की दावेदारी करने का अधिकार है। वैष्णव समाज का किसी भी सदस्य का अगर अध्यक्ष पद पर मनोनय होता है तो सभी दावेदार उसका सहयोग करेंगे। वैष्णव समाज इस बार अपने उपेक्षा बर्दाश्त नही करेगा। इसके लिये जमीन-ए-लड़ाई, हस्ताक्षर अभियान धरना प्रदर्शन करने से भी पीछे नही हटेगा। देव कुमार निर्वाणी ने आगे बताया कि वैष्णव समाज में कई सदस्य अध्यक्ष पद हेतु दावेदारी किया है किन्तु वैष्णव समाज कि जिस भी सदस्य को रानीसूर्यमुखी देवी ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाया जायेगा शेष दावेदार उसका समर्थन करेंगा। ५ वर्षीय कार्यकाल का करीब आधा समय निकल चुका है फिर भी वैष्णव समाज की मजबूत दावेदारी की उपेक्षा किया जा रहा है यह उचित नही है। कहा तो सनातन व हिन्दू-हिन्दू की बात किया जाता है किन्तु सनातन की ध्वजवाहक (पुरोधा) की सर्वत्र उपेक्षा किया जा रहा है यह कदापि उचित नही है। उक्त मांग को छत्तीसगढ़ श्री वैष्णव महासभा के सभी सदस्यों ने सहमति प्रदान की है जिसका नाम इस प्रकार है- सर्व श्री जागेश्वर दास वैष्णव, ईश्वर दास वैष्णव, तारक निर्माेही, शोणीत निर्वाणी, शिव कुमार वैष्णव, दिलीप वैष्णव, ज्ञानेश्वर दास वैष्णव, वैभव निर्वाणी, लालदास वैष्णव, शशांक निर्वाणी, भीखम वैष्णव, चंदन वैष्णव, छलेन्द्र वैष्णव, मयंक वैष्णव, माखन दास वैष्णव, दिलीप कुमार वैष्णव, नारायण दास वैष्णव, पदमनदास वैष्णव, निखिल दास वैष्णव, विरेन्द्र वैष्णव, मुकेश वैष्णव, युगल किशोर वैष्णव, साकेत निर्वाणी, दिलीप कुमार वैष्णव, कमलेश्वर दास वैष्णव, योगेश्वर वैष्णव, बिहारी दास वैष्णव, डोमनदास वैष्णव, जगमोहन वैष्णव, शिवेन्द्र वैष्णव, रोशन वैष्णव, संतोष वैष्णव के अलावा सभी वैष्णव बंधुओं ने एक स्वर में रानीसूर्य मुखी देवी राजगामी संपदा ट्रस्ट में वैष्णव समाज से ही अध्यक्ष बनाये जाने की पुरजोर मांग का समर्थन किया है।
तदाशय की जानकारी हलधर दास वैष्णव, राजा वैष्णव ने संयुक्त रूप से दी। मो. ९९०७८१६९२०


