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राजनांदगांव। शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा प्राचार्य डॉ. के. एल. टांडेकर के निर्देशन एवं विभागाध्यक्ष डॉ. अंजना ठाकुर के मार्गदर्शन में विश्व मानवाधिकार दिवस का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि शासकीय लोक अभियोजक, राजनांदगांव, नारायण कन्नौजे, वरिष्ठ अधिवक्ता, गजेन्द्र बख्शी, समाजसेवी व वरिष्ठ अधिवक्ता, शारदा तिवारी के उपस्थित में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन प्रो संजय सप्तर्षि के द्वारा किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री कन्नौजे ने कहा कि मानव अधिकार किसी मानव को जिवित रहते हुए भी एवं मृत्यु के बाद भी मिलते है मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 की चर्चा करते हुए राष्ट्रीय मानव आयोग की स्थापना की गई उन्होंने कहा कि आयोग स्वत संज्ञान लेते हुए कई प्रकार के विवाद का निपटारा कराती है उनके द्वारा विभिन्न वाद निर्णय के आधार पर मानवाधिकार के वादों पर चर्चा की माननीय उच्चतम न्यायालय के द्वारा समय समय पर मानव अधिकार का विस्तार करते आ रहा है। विशेष अतिथि शारदा तिवारी जी ने कहा कि बिना कर्तव्यों के अधिकार अधूरा है। विशेष अतिथि गजेंद्र बक्शी ने कहा कि जो कर्तव्य परायण होगा वहीं अधिकारों का उपभोग करेगा। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. के.एल. टांडेकर के द्वारा मानवाधिकार की वर्तमान परिपेक्षता को बताए। विभागाध्यक्ष डॉ. अंजना ठाकुर स्वागत भाषण एवं 30 दिवसीय वैल्यू एडेड कोर्स की समीक्षा प्रस्तुत की गई।

वैल्यू एडेड कोर्स के सह संयोजक प्रो हेमंत नंदा गौरी के द्वारा वैल्यू एडेड कोर्स का समापन भी महाविद्यालय के प्राचार्य के मार्गदर्शन में किया गया। वैल्यू एडेड कोर्स को सफलता पूर्वक पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया वैल्यू एडेड कोर्स के अंतर्गत क्विज प्रतियोगिता के सफल विधार्थियो को पुरस्कार प्रदान किया गया कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन सह संयोजक प्रो हेमंत नंदागौरी के द्वारा किया गया। कार्यकम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. के. एल. टांडेकर, विभागाध्यक्ष डॉ. अंजना ठाकुर श्री नारायण कन्नौजे शासकीय लोक अभियोजक, राजनांदगांव, श्री गजेन्द्र बख्शी, वरिष्ठ अधिवक्ता, एवं श्रीमति शारदा तिवारी, समाजसेवी व वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. राजकुमार बंजारे, प्रो संजय सप्तृषि, प्रो हेमंत नंदागौरी मौजूद रहे। कार्यकम को सफल बनाने में राजनीति विज्ञान विभाग के एम. ए. पूर्व एवं एम. ए. अंतिम के विद्यार्थियों में सचिन, समीर भारती, प्रीति योगराज मधु माधुरी गीतांजलि उन्नति जैन सुरेखा ऋतु निषाद उर्वशी ने कार्यकम विशेष योगदान दिया।

By Amitesh Sonkar

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