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राजनांदगांव 03 दिसम्बर 2022। आरोहण बीपीओ सेन्टर से युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए नया क्षितिज मिला है और उनके जीवन को दिशा मिली है। युवाओं के लिए शासन का यह संस्थान एक दस्तक है, उम्मीद और रौशन की। यहां इन युवाओं के कार्य के प्रति लगन, जज्बा और ऊर्जा देखकर सुप्रसिद्ध शायर श्री बशीर बद्र की यह पंक्तियां प्रासंगिक लगती हैं –

यही अंदाज है मेरा समंदर फतह करने का
मेरे कागज की कश्ती में कई जुगनू भी होते है…

राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम टेड़ेसरा स्थित आरोहण बीपीओ सेंटर में अभी वर्तमान में 1400 युवा कार्य कर रहे हैं और उन्हें रोजगार का एक अच्छा अवसर प्राप्त हुआ है। यहां राजनांदगांव के अलावा धमतरी, बिलासपुर, महासमुंद, दुर्ग, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी सहित अन्य जिलों के युवाओं को भी रोजगार प्राप्त हुआ है। जिला प्रशासन द्वारा यहां कार्यरत टेक्नोटास्क कंपनी के माध्यम से समन्वय करते हुए कार्य किया जा रहा है। इस बीपीओ सेंटर के माध्यम से स्थानीय युवाओं को कार्य करने का अवसर मिला है, वहीं उनकी क्षमता का भी विकास हुआ है। कलेक्टर श्री डोमन सिंह आरोहण बीपीओ सेंटर के संचालन के लिए लगातार मार्गदर्शन दे रहे हैं। उन्होंने यहां सीटों की संख्या में बढ़ाकर 2000 करने के निर्देश दिए हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा युवा लाभान्वित हो सकें। ई-जिला प्रबंधक श्री सौरभ मिश्रा ने बताया कि बीपीओ का संचालन 24 3 7 करने का लक्ष्य रखा गया है। बीपीओ के तहत विभिन्न शासकीय विभागों के अंतर्गत हितग्राही मूलक कार्यों का संपादन किया जाना भी प्रस्तावित है।
आरोहण बीपीओ सेंटर में कार्यरत सुश्री छाया सोनी ने बताया कि पिताजी की तबीयत ठीक नहीं होने के कारण घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। यहां कार्य करने के बाद वेतन मिलने के साथ ही आत्मविश्वास में वृद्धि हुई और कौशल विकास हुआ। राजनांदगांव की सुश्री वीना पंजवानी ने बताया कि वे पढ़ाई करते हुए यहां कार्य कर रही हैं तथा वे अपने पिताजी की आर्थिक मद्द करना चाहती थी। यहां आने से ज्ञान एवं कौशल का विस्तार हुआ। साथ ही प्रमोशन मिलने से प्रोत्साहन मिला। श्री सुरेश कुमार ने बताया कि दल्ली राजहरा में लॉकडाउन के दौरान उनका खुद का व्यवसाय बंद हो गया। आरोहण बीपीओ सेंटर की जानकारी मिलने पर वे यहां चले आए, जहां न उन्हें बल्कि उनकी दोनों बेटियों को भी रोजगार मिल गया। जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत बनी और उन्हें संबंल मिला है। टेड़ेसरा की श्रीमती सविता वर्मा ने बताया कि बचपन में दुर्घटना होने की वजह से उनका एक हाथ प्रभावित है। उन पर दो बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी है। यहां रोजगार मिलने से उन्हें मदद मिली है और वे अपने बच्चों को अच्छी तरह पढ़ा रही है। एचआर लीडर सुश्री रचिता ने बताया कि यहां कार्य करने का बहुत अच्छा माहौल है। व्यक्तित्व विकास के साथ ही यहां कौशल विकास होने से कार्य का स्तर और भी अच्छा रहता है। यहां के सीनियर साईट हेड श्री विकास पाण्डेय, एडमिन श्री कौशल सिन्हा एवं पूरी टीम कुशलता एवं दक्षतापूर्वक कार्य कर रही है।

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