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  • वृक्षों के संरक्षण के प्रति जागरूकता एवं वृक्षों के महत्व से जनसामान्य को परिचित कराने के लिए शासन द्वारा की जा रही कृष्ण कुंज की पहल

राजनांदगांव 18 अगस्त 2022। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप कृष्णजन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेश के नगरीय निकायों में कृष्ण कुंज का शुभारंभ किया जाएगा।  जिले के सभी 8 नगरीय निकायों में कृष्ण कुंज का शुभारंभ जनप्रतिनिधियों द्वारा किया जाएगा। राजनांदगांव नगर निगम के कौरिनभांठा में 0.809 हेक्टेयर भूमि में कृष्ण कुंज बनाने के लिए प्रस्तावित है। इसी तरह डोंगरगढ़ नगर पालिका परिषद के बधियाटोला में 0.405 हेक्टेयर, खैरागढ़ नगर पालिका परिषद के अकरजन में 810 हेक्टेयर, गंडई नगर पंचायत में 0.405 हेक्टेयर, छुईखदान नगर पंचायत में 0.405 हेक्टेयर, छुरिया नगर पंचायत के चंदेनीडीह में 0.405 हेक्टेयर, डोंगरगांव नगर पंचायत के मटिया में 0.890 हेक्टेयर, अंबागढ़ चौकी नगर पंचायत में 0.405 हेक्टेयर भूमि में कृष्ण कुंज बनाने के लिए प्रस्तावित है।
वृक्षों के संरक्षण के प्रति जागरूकता एवं वृक्षों के महत्व से जनसामान्य को परिचित कराने के लिए शासन द्वारा कृष्ण कुंज की पहल की गई है। प्राचीन परंपरागत वृक्ष हमारे अमूल्य विरासत हैं। नगरीय क्षेत्रों में व्यापक पैमाने पर वृक्षारोपण करने एवं संवर्धन करने तथा सांस्कृतिक विरासत से जोडऩे के लिए इसका नाम कृष्ण कुंज रखा गया है।
कृष्ण कुंज परिकल्पना में उल्लेखित प्रजातियों का रोपण किया जाना है। उन प्रजातियों में ऐसे प्रजातियों का रोपण प्रस्तावित है, जो स्थानीय परंपरा, जीवनोपयोगी एवं सांस्कृतिक महत्व से संबंधित है। कृष्ण कुंज को विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए राज्य में एकरूपता प्रदर्शित करने हेतु बाउण्ड्रीवाल गेट एवं कृष्ण कुंज का लोगों तैयार किया गया है। कृष्ण कुंज के लोगों में एवं बाउण्ड्रीवाल गेट में हमारी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक महत्व एवं परम्परा दर्शित है, जिसे देखने मात्र से ही छत्तीसगढ़ की अस्मिता प्रकट होती है।

By Amitesh Sonkar

Sub editor

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