राजनांदगांव। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में दिनांक 21 जून से 05 जुलाई तक गहन डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा मनाया जायेगा , जिसके अंतर्गत 0 से 05 वर्ष लक्षित बच्चों की संख्या 1.63,142 है। कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के समस्त स्वास्थ्य केन्द्रों में ओ.आर. एस . कॉर्नर की स्थापना की जायेगी एवं मितानिन द्वारा घर – घर भ्रमण कर 0 से 05 . वर्ष के बच्चों वाले घरों में ओआरएस . पैकेट का वितरण, ओआरएस घोल बनाने की विधि प्रदर्शन तथा हाथ धोने की विधि बताया जावेगा। साथ ही शिशुवती माताओं को बच्चों में दस्त के दौरान मां का दूध एवं उपरी आहार देने का सलाह भी दिया जायेगा । मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ . मिथिलेश चौधरी ने बताया की 0 से 05 वर्ष के बच्चों में डायरिया प्रबंधन में ओ.आर.एस. एवं जिंक की महत्ता विशेष है। डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा अंतर्गत समस्त खंड चिकित्सा अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है कि सभी स्वास्थ्य केन्द्रों की पानी टंकियों की साफ – सफाई अनिवार्य रूप से की जायें एवं ओ.आर.एस.- जिंक की उपयोगिता पर दीवार लेखन एवं नारे लेखन की जावें साथ ही मितानिनों के द्वारा डायरिया प्रकरणों के पहचान पर ए.एन.एम. द्वारा डायरिया केस प्रबंधन , उपचार तथा काउसलिंग पर विशेष गतिविधियां की जावें । काउसलिंग सत्रों में ओ.आर.एस – जिंक की महत्ता दस्त होने पर भी मां की दूध की आश्यकता हाथ धोने की विधि तथा शौच हेतु टॉयलेट की उपयोग की जानकारी भी दी जावें। पोषण पुर्नवास केन्द्रों में भर्ती कुपोषित बच्चों जिन्हें डायरिया हो उनका प्रबंधन भी जावें । ग्रामीण स्तर पर स्कूलों , आउट रीच सत्रों , व्ही.एच.एन.एस.डी. और आंगनवाड़ी केन्द्रों में भोजन के पहले एवं शौच के बाद साबून से हाथ धोने हेतु प्रोत्साहित किया जावे । पखवाड़े की समस्त गतिविधिया कोविड नियमों का पालन करते हुए की जाने के निर्देश दिए गये है । मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा महिला बाल विकास विभाग एवं आई.एम.ए. द्वारा समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु आव्हान किया गया है। दिनांक 21 जून को कृषि उपज मंडी राजनांदगांव में जिलाधीश तारन प्रकाश सिन्हा द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ बच्चों को ओ.आर.एस. पिलाकर की गई । कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी लोकेश चन्द्राकर , अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी सी . एल . मारकंडे , मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ . मिथिलेश चौधरी , जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ . बी . एल तुलावी एवं समस्त स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उपस्थित थे।


